नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बिना किसी भेदभाव के कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 1.65 करोड़ डोज आवंटित की गई हैं। सरकार ने कहा कि 16 जनवरी से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान के तीन दिन पूर्व वैक्सीन को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम पूरी क्षमता से होता रहा।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पहले चरण में एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों समेत 30 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन का डोज देने का लक्ष्य है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य कर्मियों के डाटा के मद्देनजर 1.65 करोड़ डोज का खरीद मूल्य भी संबंधित राज्यों को आवंटित कर दिया गया है। ऐसे में किसी राज्य के साथ भेदभाव करने का सवाल ही नहीं उठता। मंत्रालय ने बताया कि यह वैक्सीन की शुरुआती खेप है। जैसे-जैसे खेप खत्म होगी आने वाले हफ्तों में राज्यों को नई खेप मिलती रहेगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर एक सत्र में प्रतिदिन अधिकतम 100 लोगों को टीके लगाया जाएगा। राज्यों को सलाह दी गई है कि 10 प्रतिशत रिजर्व या अनुप्रयुक्त टीकों का ध्यान रखा जाए और हर दिन एक सत्र में 100 लोगों का ही टीकाकरण किया जाए। व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी केंद्र पर एक दिन में हड़बड़ी में ज्यादा लोगों को नहीं बुलाने की सलाह दी गई है।

उल्लेखनीय है स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा था कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कोविशील्ड की 1.1 करोड़ खुराक खरीदी जा रही हैं। कोविशील्ड की प्रत्येक खुराक की लागत 200 रुपये आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि भारत बायोटेक से कोवैक्सीन की 55 लाख खुराक खरीदी जा रही हैं। कोवैक्सीन की 38.5 लाख खुराक में से प्रत्येक पर 295 रुपये (कर छोड़कर) की लागत आएगी। भारत बायोटेक 16.5 लाख खुराक नि:शुल्क मुहैया करा रही है, जिससे इसकी लागत प्रत्येक खुराक पर 206 रुपये आएगी।

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