मुंबई,एजेंसी।  सेंट्रल रेलवे (CR) ने दूसरी श्रेणी के यात्रियों को ट्रांस-हार्बर लाइन पर उपनगरीय ट्रेनों के प्रथम श्रेणी के डिब्बों में से एक पर वातानुकूलित रेक की शुरुआत के बाद अनुमति देने की योजना बनाई है। सेंट्रल रेलवे की इस व्यवस्था के अनुसार एसी ट्रेन नौ द्वितीय श्रेणी के डिब्बों और तीन प्रथम श्रेणी के डिब्बों की नियमित ट्रेन की जगह लेगी।           

नुकसान की भरपाई में मिलेगी मदद       

गैर-एसी रेक पर तीन प्रथम श्रेणी के डिब्बों में से एक में द्वितीय श्रेणी के यात्रियों को प्रवेश करने से नौ द्वितीय श्रेणी के डिब्बों के नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी। जब भी सेंट्रल रेलवे इस कॉरिडोर पर एक एसी रेक चलाने का फैसला करता है, तो उसे सेवा से एक नॉन-एसी रेक वापस लेना होगा। सेंट्रल रेलवे के  चीफ पीआरओ शिवाजी सुतार ने कहा कि हम फिलहाल इसके लाभ और नुकसान के बारे में पढ़ रहे हैं।

योजना लागू करने से पहले यात्रियों से करेंगे बातचीत      

इतना ही नहीं हम इस योजना को लागू करने से पहले यात्रियों के बातचीत करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि यदि ये सफल होता है तो एसी रेक को शामिल करने के बाद मेन और हार्बर लाइनों के लिए एक समान निर्णय लिया जाएगा। सेंट्र रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा करने से प्रथम श्रेणी के यात्रियों के पास एक डिब्बे कम हो जाएगा।                      

हाल ही रवाना की मुंबई स्पेशल महिला ट्रेन

गौरतलब है कि हाल ही में सेंट्रल रेलवे ने हाल ही में 68 वें स्थापना दिवस के मौके पर दो  लेडीज स्पेशल मुंबई लोकल ट्रेनों को रवाना किया था। पहली ट्रेन सीएसएमटी-पनवेल के लिए और दूसरी सीएसएमटी-कल्याण के लिए रवाना की गई थी।                                                

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