इस बार रिकॉर्ड 50 दिनों तक चलेगा जनगणना का चरण, पिछली बार के मुकाबले क्या होगा अलग?
जनगणना 2027 का जनसंख्या गणना चरण पिछली बार से अधिक लंबा होगा, जिसमें 40 सवाल पूछे जाएंगे और 15 दिन की स्व-गणना अवधि शामिल है।

पिछली बार से अलग है जनगणना 2027।
HighLights
जनगणना 2027 का चरण डेढ़ महीने तक चलेगा।
इस बार 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें जाति भी शामिल।
मणिपुर में जनगणना की घोषणा अभी नहीं हुई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जनगणना 2027 का जनसंख्या गणना चरण पिछली जनगणनाओं की तुलना में अधिक लंबा चलेगा। यह 10 जनवरी से 28 फरवरी तक लगभग डेढ़ महीने तक चलेगा, जिसमें 15 दिन की स्व-गणना की अवधि भी शामिल है। इसके विपरीत पहले के चरण-2 की अवधि 20 दिन की होती थी जो आमतौर पर 9 फरवरी से 28 फरवरी तक चलती थी।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों के लिए पहले घोषित की गई घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की प्रक्रिया 35 दिनों तक चलेगी। इस लंबी अवधि का कारण यह हो सकता है कि 2011 की जनगणना में पूछे गए 29 सवालों की तुलना में 2027 की जनगणना के दूसरे चरण में सवालों की संख्या बढ़ाकर 40 कर दी गई है, जिसमें जाति से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।
मणिपुर में नहीं की गई जनगणा की घोषणा
मणिपुर में जनगणना की घोषणा नहीं की गई है। राज्य में जनगणना की प्रक्रिया को तब रोक दिया गया था, जब वहां के विभिन्न वर्गों ने मांग की कि पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (एनआरसी) की प्रक्रिया पूरी की जाए।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, देश भर में जनसंख्या जनगणना की जाएगी। यह जनगणना 25 जनवरी से 27 फरवरी 2027 तक होगी।
हालांकि, इसमें कुछ अपवाद हैं: मणिपुर (अगली घोषणा तक), गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड (जहां अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इसे पहले ही आयोजित किया जा चुका है), लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के बर्फबारी वाले और अलग समय-सारणी वाले इलाके (जहां जनगणना पहले ही पूरी हो चुकी है)।
स्व-गणना का समय कितना होगा?
इससे पहले 10 से 24 जनवरी तक स्व-गणना का समय होगा। जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि पहले ही 1 मार्च, 2027 तय की जा चुकी है और 1 से 5 मार्च, 2027 तक एक पुनरीक्षण दौर चलाया जाएगा।
जनगणना के दूसरे चरण में जुटाई जाने वाली नई जानकारियों में जाति, जीवनसाथी का नाम, माता-पिता का विवरण, व्यक्ति की बताई गई राष्ट्रीयता, स्थायी पता, कोविड-19 टीकाकरण की जगह, बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस होने या न होने की जानकारी शामिल है।
मोबाइल नंबर, आधार और वोटर आईडी की जानकारी, यदि उपलब्ध हो तो दी जा सकती है। वहीं, पासपोर्ट नंबर केवल उन लोगों से मांगा जाएगा जिनके पास भारतीय पासपोर्ट है।
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