नई दिल्ली, आइएएनएस। जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा(एलओसी) पर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम(सीजफायर) उल्लंघन की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। एक नए आंकड़े के मुताबिक इस साल के पहले नौ महीनों में पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा सीजफायर उल्लंघन किया गया है। यह आंकड़ा पिछले 5 सालों का सबसे उच्च स्तर है। यह बता रहा है कि पाकिस्तान किस कदर सीमापार से गोलीबारी कर रहा है।

भारतीय सेना द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने 2 अक्टूबर तक 2225 बार जम्मू-कश्मीर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, जिसका मतलह कि इस अवधि के दौरान उसने औसतन हर दिन आठ बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया।इसकी तुलना में 2018 के दौरान पाकिस्तान की ओर से 1629 बार सीजफायर उल्लंघन किया गया था।

एक रक्षा अधिकारी ने कहा, 'पाकिस्तान ने इस साल फरवरी में बालाकोट हवाई हमलों के बाद संघर्ष विराम उल्लंघन बढ़ा दिया था और बाद में जम्मू-कश्मीर में विशेष दर्जा वापस ले लिया गया था।'अधिकारी ने कहा कि संघर्ष विराम उल्लंघन बढ़ना पाकिस्तान द्वारा जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों को कवर करने की कोशिशों से जुड़ी है। 

सेना के सूत्रों ने कहा कि भारत ने सीजफायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दिया है। एलओसी पर भारतीय चौकियों पर बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) हमलों को अंजाम देने की पाकिस्तान की कोशिशें भी हुई हैं। BAT टीम में आमतौर पर पाकिस्तानी सेना के कमांडो और आतंकवादी होते हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह में, भारतीय सैनिकों ने जम्मू और कश्मीर में केरन सेक्टर की एक पोस्ट के पास पांच बैट हमलावरोंको मार गिराया था।पाकिस्तानी सेना द्वारा उनके शवों का दावा नहीं किया गया था। सेना के आंकड़ों के अनुसार, एलओसी के किनारे और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में 2 अक्टूबर 2018 तक पूरे कैलेंडर वर्ष के दौरान 318 की तुलना में 123 आतंकवादी हमले हुए हैं।

Posted By: Shashank Pandey

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