नई दिल्‍ली, एजेंसियां। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत (CDS Gen Bipin Rawat ) ने बुधवार को कहा कि देश राकेट फोर्स तैयार करने पर विचार कर रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक उन्होंने भारत की वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए शुरू किए गए उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि सीमा पर चाहे वह प्रत्यक्ष आक्रामकता हो या तकनीक के जरिए अंजाम दी जा रही हो हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए एक मुकम्‍मल तैयारी तभी हो सकती है जब हम एक साथ काम करें।

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीएस जनरल रावत ने पाकिस्तान को चीन का एजेंट (Proxy) करार दिया। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में 'छद्म युद्ध' जारी रखेगा। यही नहीं वह पंजाब समेत देश के बाकी हिस्सों में भी समस्‍याएं पैदा करेगा। इसके लिए वह कोशिशें कर रहा है। जनरल रावत ने राष्ट्रीय सुरक्षा की विभिन्न चुनौतियों और उत्तरी सीमा पर चीन के आक्रामक रवैये से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत भी बताई। उन्‍होंने कहा कि हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा।

देश की वायु शक्ति को और ताकतवर बनाने के लिए कदमों का जिक्र करते हुए सीडीएस जनरल रावत ने कहा कि हम राकेट फोर्स बनाने का विचार कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस योजना के बारे में ज्‍यादा ब्‍यौरा नहीं दिया। अफगानिस्तान में चल रहे मौजूदा हालात पर जनरल रावत (Chief of Defence Staff Gen Bipin Rawat) ने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि तालिबान इतनी तेजी से वहां कब्जा कर लेगा। अफगानिस्तान में हालात और बिगड़ने का अंदेशा है। अफगानिस्तान में आगे क्या होगा यह तो आने वाला वक्‍त ही बताएगा।

इस बीच समाचार एजेंसी एएनआइ ने अमेरिकी डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल स्काट बेरियर के हवाले से कहा है कि अगले एक-दो साल में अफगानिस्तान में अलकायदा फिर संगठित होकर देश के लिए खतरा बन सकता है। गौर करने वाली बात है कि अफगानिस्तान छोड़ने से पहले भी इस तरह की चेतावनी दी गई थी। सीआइए के उप निदेशक डेविड कोहेन ने कहा कि अफगानिस्तान में अलकायदा की गतिविधियां पहले ही देखी जा चुकी हैं।

हाल ही में कई विशेषज्ञ भी अफगानिस्‍तान में हालात खराब होने और आतंकवाद के एकबार फिर से बढ़ने को लेकर आगाह कर चुके हैं। अफगानिस्तान में तालिबान की हुकूमत कायम होने के बाद से महिलाओं में खौफ का माहौल है। खासतौर पर कामकाजी महिलाओं, कलाकारों और महिला खिलाडि़यों को धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक इन धमकियों से तंग आकर 32 महिला फुटबाल खिलाड़ियों ने देश छोड़ दिया है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अफगानिस्तान में 40 लाख ऐसे लोग हैं जिनको दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से मिल पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हो गए हैं जहां सर्दियों में लोगों के लिए गेहूं, पशुओं के लिए चारा और नकद सहायता की जरूरत है। अफगानिस्तान में 34 प्रांतों में से 25 में सूखे के हालात हैं जिससे 73 लाख आबादी प्रभावित है। मौजूदा वक्‍त में अफगानिस्‍तान में 40 लाख लोग ऐसे हैं जिनके हालात भुखमरी तक पहुंच गए हैं।