बंगाल चुनाव के बाद हिंसा मामले में CBI ने सुप्रीम कोर्ट से वापस लीं 20 याचिकाएं, बदले हालात का दिया हवाला
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से बंगाल में 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़ी 20 याचिकाएं वापस ले ली हैं। एजेंसी ने "बदले हुए हालात" का हवाला दिया।

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़ी याचिका वापस लीं
HighLights
CBI ने 2021 बंगाल हिंसा याचिकाएं वापस लीं।
"बदले हुए हालात" का हवाला दिया गया।
बंगाल CID ने जांच तेज की है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीबीआई ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से अपनी लगभग 20 याचिकाएं वापस ले लीं। इन याचिकाओं में बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों को राज्य के बाहर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। सीबीआइ ने इसके लिए "बदले हुए हालात" का हवाला दिया है।
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सीबीआई के इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दे दी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को अवगत कराया कि परिस्थितियों में आए बदलाव के कारण एजेंसी इन याचिकाओं को आगे नहीं बढ़ाना चाहती।
गौरतलब है कि सीबीआई ने वर्ष 2023 में ये याचिकाएं ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान दायर की थीं। उस समय गवाहों को डराने-धमकाने, सरकारी वकीलों पर दबाव और राज्य में निष्पक्ष सुनवाई का माहौल न होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, इस साल हुए विधानसभा चुनावों में राज्य की सत्ता में बदलाव आया और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाकर भाजपा सत्ता में आ गई।
राजनीतिक हालात बदलने के बाद अब बंगाल की सीआईडी (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) ने 2021 की हिंसा से जुड़ी शिकायतों पर नए सिरे से कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत राज्य में 458 नई जांच शुरू की गई हैं और 181 नए एफआइआर दर्ज किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, सीआईडी ने उन 59 मामलों को भी दोबारा खोल दिया है जिनमें पहले क्लोजर रिपोर्ट (अंतिम रिपोर्ट) दाखिल कर दी गई थी। गौरतलब है कि वर्ष 2021 के चुनाव परिणामों के बाद हुई इस हिंसा ने देश भर में राजनीतिक हलचल मचा दी थी, जिसके बाद कई जिलों में हमलों और लोगों के विस्थापन के मामलों की जांच विभिन्न एजेंसियों को सौंपी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले सुनवाई के दौरान गवाहों और वकीलों को मिल रही धमकियों के मद्देनजर राज्य के ट्रायल कोर्टों में चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी थी। अब बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य और सीआईडी की सक्रियता के बीच सीबीआई द्वारा याचिकाएं वापस लिया जाना एक अहम कानूनी मोड़ माना जा रहा है।
सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार
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