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बंगाल में डेंगू का बढ़ा प्रकोप, 23 दिनों में 5500 से अधिक लोग संक्रमित; कोलकाता-हावड़ा समेत कई जिलों में बिगड़े हालात

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:32 PM (IST)

पश्चिम बंगाल में अक्टूबर के पहले 23 दिनों में डेंगू के 5,500 से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जिससे ...और पढ़ें

बंगाल में डेंगू का कहर जारी (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

बंगाल में डेंगू का कहर जारी (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

HighLights

  1. अक्टूबर में 5,500 से अधिक नए डेंगू मामले दर्ज।

  2. मुर्शिदाबाद, हावड़ा, कोलकाता सर्वाधिक प्रभावित जिले।

  3. स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा शुरू की।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में मानसून के शुरुआती महीनों में अपेक्षाकृत कम रहने के बाद डेंगू का प्रकोप अब तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, अक्टूबर के पहले 23 दिनों में राज्य में डेंगू के 5,500 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। सितंबर के अंतिम सप्ताह से संक्रमण में तेजी दर्ज की गई है।

राज्य में जिलावार आंकड़ों के अनुसार, मुर्शिदाबाद में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। हावड़ा दूसरे और कोलकाता तीसरे स्थान पर है। उत्तर 24 परगना भी सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा शुरू की है।

कोलकाता में इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर की शुरुआत तक डेंगू के लगभग 2,800 मामले दर्ज किए गए। सितंबर के अंतिम सप्ताह में ही शहर में 1,270 नए संक्रमित मिले थे। दुर्गापूजा के सप्ताह में शहर में संक्रमण के मामले सामान्य सप्ताहों की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक रहे। उत्तर कोलकाता के काशीपुर-बेलगछिया इलाके में स्थिति अधिक चिंताजनक बताई गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, शहर में दर्ज कुल मामलों में लगभग 25 प्रतिशत इसी क्षेत्र से हैं। कोलकाता नगर निगम, हावड़ा और विधाननगर के कुछ वार्डों को भी सक्रिय संक्रमण वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। डेंगू के बढ़ते मामलों का असर अस्पतालों में भी दिखाई दे रहा है। चार्नाक अस्पताल में पिछले सप्ताह प्रतिदिन औसतन आठ से दस डेंगू मरीज पहुंच रहे थे और दस मरीज भर्ती थे।

प्रभावित जिलों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर

हावड़ा, मुर्शिदाबाद और अन्य प्रभावित जिलों की स्थिति पर चर्चा के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने एक दिन पहले ही बैठक बुलाई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत में छिटपुट बारिश और तापमान में बदलाव से मच्छरों के प्रजनन के अनुकूल परिस्थितियां बनी होंगी।

हालांकि, संक्रमण बढ़ने का एकमात्र कारण मौसम को नहीं माना जा सकता। जमा पानी हटाने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, जांच बढ़ाने और मरीजों की समय पर पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आगामी जिला-वार आंकड़े बताएंगे कि संक्रमण में यह तेजी आगे कितनी गंभीर होती है।

बारिश के आंकड़ों पर भी नजर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अक्टूबर 2025 में 29 तारीख तक गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 134.5 मिमी और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 179.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, इस साल अक्टूबर की समान अवधि के लिए राज्यव्यापी तुलनीय आंकड़े की पुष्टि नहीं हो सकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश के बाद जमा पानी मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन डेंगू के प्रसार को केवल मौसम से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।

अधीर ने सरकार से मांगा जवाब

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि बंगाल में डेंगू संक्रमितों की संख्या करीब 13 हजार और मृतकों की संख्या 15 हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि संक्रमण और मौतें रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि केवल बैठकें और आश्वासन नहीं, बल्कि प्रभावी रोकथाम और जवाबदेही जरूरी है।