नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सीबीआइ ने एसएससी की परीक्षा में धांधली के आरोपों की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में धांधली के आरोपों की पुष्टि होने के बाद इस मामले में एफआइआर दर्ज की जाएगी। एफआइआर दर्ज करने की दिशा में प्रारंभिक जांच पहला कदम है, जिसमें सीबीआइ इस बात का आकलन करती है कि आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त सबूत हैं या नहीं।

गौरतलब है कि एससीसी की परीक्षा देने वाले छात्र 27 फरवरी से दिल्ली में एसएससी कार्यालय के बाहर परीक्षा में धांधली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि 21 फरवरी को हुई 'कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल' (सीजीएल) परीक्षा में का पेपर लीक हो गया था और इसकी सीबीआइ जांच होनी चाहिए। लंबे समय तक एसएससी पेपर लीक के आरोपों को नकारता रहा। लेकिन आंदोलनरत छात्रों के आरोपों पर अडिग रहने और बाद में केंद्र सरकार के दबाव में एसएससी को सीबीआइ जांच कराने पर मजबूर होना पड़ा। सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एसएससी की ओर से परीक्षा में धांधली के आरोपों की जांच के अनुरोध की पड़ताल के बाद पहले प्रारंभिक जांच का फैसला किया।

प्रारंभिक जांच केस दर्ज करने के बाद सीबीआइ आरोप लगाने वाले छात्रों से पूछताछ करेगी और पेपर लीक होने के सबूत जुटाने की कोशिश करेगी। इस दौरान आरोपियों की पहचान करने की पहचान करने भी कोशिश होगी। एक बार सबूत मिल जाने या फिर आरोपों से सही पाए जाने की स्थिति में आरोपियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कार्रवाई शुरू की जाएगी।

Posted By: Manish Negi