नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को दावा किया कि मीडिया समूह के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे में 2,200 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। हालांकि, सीबीडीटी ने समूह के नाम का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने मीडिया समूह की पहचान भास्कर समूह के रूप में की है।सीबीडीटी ने बयान में कहा है कि 22 जुलाई को भोपाल, इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद, नोएडा समेत नौ शहरों में मीडिया समूह के ठिकानों की तलाशी शुरू की गई थी जो अभी जारी है।

तलाशी अभियान के दौरान मिली भारी सामग्री जांच की जा रही है। इस समूह का कारोबार मीडिया के साथ ही बिजली, टेक्सटाइल और रियल एस्टेट क्षेत्र में फैला और सालाना कारोबार छह हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। सीबीडीटी ने कहा है कि समूह की अन्य कारोबार में लगी कंपनियों के बीच बार-बार एक-दूसरे से व्यापार और 2,200 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया है।

जांच में इनके संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई है, जिसमें वास्तव में किसी सामान की आपूर्ति की ही नहीं गई है। बयान में कहा गया है कि कर चोरी और अन्य कानूनों के उल्लंघन की जांच की जा रही है। समूह में 100 से ज्यादा कंपनियां हैं। समूह ने अपने कर्मचारियों के नाम पर कंपनियां खोल रखी थीं, जिनका इस्तेमाल फर्जी खर्च और धन को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था।

दो सौ करोड़ के अघोषित लेनदेन के दस्तावेज मिले

लखनऊ से जागरण संवाददाता के मुताबिक आयकर विभाग ने बयान में दावा किया है कि गुरुवार को मीडिया, खनन और होटल सहित कई व्यवसाय करने वाले ग्रुप पर पड़े छापों के दौरान दो सौ करोड़ रुपये से अधिक के अघोषित लेनदेन का पता चला है। तीन करोड़ की नकदी मिली है और 16 लाकर निगरानी में रखे गए हैं। विभाग ने समूह के नाम का जिक्र नहीं किया है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि यह मामला भारत समाचार से जुड़ा है।

Edited By: Pooja Singh