मुंबई। कैंपा कोला सोसायटी में रहने वाले लोगों ने रविवार से अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया है। सोसायटी की तरफ से की गई एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस बात की जानकारी दी है। सोसायटी की तरफ से यह भी कहा गया है कि सोमवार से बीएमसी अपनी कार्रवाई कर सकती है। प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की भी जानकारी दी गई है कि उन्हें सीएम की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि सोसायटी में बने अवैध फ्लैटों को गिराया नहीं जाएगा।

इसके साथ ही कैंपाकोला सोसायटी के लोगों ने मामले में हस्तक्षेप के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। वहीं महानगर पालिका का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों को लागू करने के लिए अब उन्हें बलप्रयोग करना होगा। महानगर पालिका का कहना है कि लगातार तीसरे दिन उन्हें अवैध फ्लैटों के पानी और बिजली कनेक्शन काटने के लिए परिसर में अंदर नहीं जाने दिया गया।

बृहनमुंबई महानगर पालिका (एमसीजीएम) के अधिकारी रविवार को दक्षिण मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित आवासीय परिसर पहुंचे। उन्हें वहां भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कालोनी के निवासी पिछले दो दिनों से महानगर पालिका के दल को अंदर नहीं घुसने दे रहे हैं। रविवार को भी उन्होंने कैंपाकोला कॉलोनी के गेट को बंद कर रखा। सुप्रीम कोर्ट ने कॉलोनी के अवैध 96 फ्लैट्स को तोड़ने के निर्देश दिए हैं।

महानगर पालिका के उपायुक्त आनंद वाघराल्कर ने कहा, 'निवासियों ने लगातार तीसरे दिन परिसर में हमारे प्रवेश का विरोध किया। हम उन्हें अधिक समय नहीं देंगे। उन्होंने सभी सीमाओं को पार कर दिया है। अगर वे परिसर में हमें प्रवेश की अनुमति नहीं देते हैं तो हम उनके खिलाफ अब बल प्रयोग से हिचकेंगे नहीं'। उन्होंने बताया कि इस मसले पर पुलिस अधिकारियों के साथ गंभीरता से बातचीत हो रही है।

पढ़ें: फिर बैरंग लौटे कैंपा कोला सोसायटी को खाली कराने गए बीएमसी के अधिकारीपढ़ें: दूसरे दिन भी कैंपा कोला कंपाउंड में नही घुस पाई बीएमसी की टीम

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस