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पश्चिम बंगालः पार्टी सिंबल और नाम गंवाने के बाद भी तीन बैंक खातों पर रहेगा ममता का कंट्रोल, कलकत्ता HC से राहत

Published: Mon, 21 Sep 2026 03:57 PM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा नाम और प्रतीक पर अंतरिम रोक के बावजूद ममता तृणमूल को अपने तीन बैंक खातों का संचालन जारी रखने की अनुमति दी है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता तृणमूल के तीन बैंक खातों पर अधिकार बरकरार रखा।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता तृणमूल के तीन बैंक खातों पर अधिकार बरकरार रखा।

HighLights

  1. कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता तृणमूल के तीन बैंक खातों पर अधिकार बरकरार रखा।

  2. चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बावजूद अदालत ने पुराना फैसला नहीं बदला।

  3. अवैध लेनदेन के आरोपों के बावजूद खातों का संचालन जारी रखने की अनुमति मिली।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश में तृणमूल कांग्रेस का पुराना नाम और जोड़ाफूल प्रतीक इस्तेमाल करने पर रोक के बावजूद ममता तृणमूल को पार्टी के तीन बैंक खातों के संचालन का अधिकार फिलहाल मिलता रहेगा।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को अपने पुराने आदेश को बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग ने अभी अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, बल्कि उपचुनाव को लेकर नाम और प्रतीक पर अंतरिम व्यवस्था की है। इसलिए बैंक खातों के संबंध में अदालत अपने पहले के आदेश में बदलाव नहीं करेगी।

निजी बैंक में तृणमूल के तीन खातों को पुलिस ने अवैध लेनदेन के आरोप में फ्रीज किया था। इसके खिलाफ दायर याचिका पर न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने नौ जुलाई को खातों के संचालन के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया था। अदालत ने तब कहा था कि खातों पर ममता तृणमूल का अधिकार रहेगा, लेकिन वह मनमाने तरीके से रकम खर्च नहीं कर सकेगी।

दैनिक कामकाज और कर्मचारियों के वेतन जैसे खर्च विशेष अधिकारी की निगरानी में किए जाने थे। यह व्यवस्था 29 जनवरी तक लागू रखने का आदेश सोमवार को भी बरकरार रहा।

आयोग के अंतिम फैसले तक पुरानी व्यवस्था

सुनवाई में राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजुमदार ने दलील दी कि बैंक खातों से जुड़ा मुकदमा ‘सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस’ के नाम से है, जबकि चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद कोई भी पक्ष फिलहाल इस नाम और जोड़ाफूल प्रतीक का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसलिए मुकदमे की स्वीकार्यता पर सवाल उठता है।

अदालत ने कहा कि आयोग का फैसला अभी अंतिम नहीं है। राज्य की ओर से यह भी कहा गया कि भविष्य में आयोग किसी एक पक्ष के पक्ष में अंतिम फैसला करता है तो अदालत के मौजूदा आदेश का असर पड़ सकता है। इसके बाद भी हाई कोर्ट ने फिलहाल अपने पुराने आदेश को जारी रखने का निर्णय लिया। इस बीच, खातों में कथित अवैध लेनदेन की जांच कर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट अदालत में जमा कर दी है।

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