नई दिल्ली, पीटीआइ। कुछ राज्यों में कोरोना के मामले में मृत्युदर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा होने पर चिंता प्रकट करते हुए कैबिनेट सचिव ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ज्यादा मृत्यु वाले जिलों और अस्पताल के हिसाब से विश्लेषण कर उचित समाधान निकालने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्यों से आरटी-पीसीआर जांच की क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया।

यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है कि रैपिड एंटीजन जांच में लक्षण वाले एक भी मरीज नहीं छूटे और इस तरह के हर मामले में आरटी-पीसीआर जांच कराना जरूरी है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में बैठक के दौरान वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को संबोधित किया और वहां पर ऑक्सीजन की उपब्लधता की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई बैठक में 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश ने हिस्सा लिया।

बैठक में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, चंडीगढ़, तेलंगाना, केरल, दिल्ली, पंजाब और बंगाल ने हिस्सेदारी की। मंत्रालय ने कहा कि कोरोना के करीब 80 प्रतिशत मामले इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने जिला और स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर विश्लेषण करने को कहा और प्रभावी योजना के साथ ही ऑक्सीजन की उपलब्धता संबंधी मुद्दे का समाधान करने को कहा।

उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बेहतर तौर-तरीका भी साझा करने को कहा जिसे देश के अन्य राज्य अपना सके। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, नीति आयोग में सदस्य (स्वास्थ्य), उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग में सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों ने भागीदारी की।

बयान में कहा गया, कैबिनेट सचिव ने जांच में बढोतरी के लिए राज्यों की सराहना की लेकिन कई राज्यों में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा मृत्यु दर पर चिंता प्रकट की। उन्होंने राज्यों से ज्यादा मरीजों की मृत्यु वाले जिलों और अस्पतालों का विश्लेषण कर वहां उचित समाधान करने को कहा है। 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस