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तमिलनाडु: नीलगिरि में भूस्खलन की चपेट में आई रोडवेज की बस, ड्राइवर की मौत और कंडक्टर घायल

Published: Sat, 24 Oct 2026 02:34 PM (IST)

नीलगिरि के बुरलियार में भूस्खलन की चपेट में आने से एक टीएनएसटीसी बस के ड्राइवर की मौत हो गई और कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए।

तमिलनाडु में रोडवेज की बस दुर्घटनाग्रस्त। (फोटो- पीटीआई।)

तमिलनाडु में रोडवेज की बस दुर्घटनाग्रस्त। (फोटो- पीटीआई।)

HighLights

  1. बुरलियार में भूस्खलन से टीएनएसटीसी बस दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर की मौत।

  2. कंडक्टर गंभीर रूप से घायल, मेट्टुपलायम अस्पताल में इलाज जारी।

  3. भारी बारिश से नीलगिरि में कई जगह भूस्खलन, सड़कें बाधित।

डिजिटल डेस्क, उधगमंडलम। नीलगिरि जिले के बुरलियार के पास शनिवार को भूस्खलन और उखड़े हुए पेड़ों के एक टीएनएसटीसी बस पर गिरने से बस ड्राइवर की मौत हो गई और कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस ने बताया कि यह घटना तड़के हुई, जब बस भारी बारिश के बीच कुन्नूर से मेट्टुपलायम जा रही थी। पुलिस के अनुसार, तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC) की इस बस को ऊटी के पास कूरट्टी गांव के रहने वाले जनगराज चला रहे थे, जबकि केशवन कंडक्टर थे।

हादसे के वक्त ड्राइवर और कंडक्टर ही थे मौजूद

बस में तीन यात्री सवार थे, जो बुरलियार पहुंचने से कुछ देर पहले ही कुरमपाडी में उतर गए थे। पुलिस ने बताया कि जब भूस्खलन हुआ तब बस में केवल ड्राइवर और कंडक्टर ही मौजूद थे। बस पर कीचड़ और उखड़े हुए पेड़ आ गिरे, जिससे वह मलबे और कीचड़ में पूरी तरह दब गई।

कूनूर और मेट्टुपलयम के दमकल और बचाव कर्मियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मौके पर पहुंचकर फंसे हुए चालक दल के सदस्यों को बाहर निकाला। एक फायर ऑफिसर ने बताया, "जब हम मरापालम इलाके में पहुंचे तो ड्राइवर अपनी सीट पर भारी मलबे के नीचे पूरी तरह फंसा हुआ था। हमने पूरी बस की तलाशी ली, लेकिन शुरुआत में कोई और यात्री नहीं मिला। यह एक बड़ी राहत की बात थी।"

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दोनों लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया और तुरंत मेट्टुपलयम सरकारी अस्पताल ले जाया गया। बाद में जनगराज की चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि केशवन का गंभीर चोटों के लिए गहन इलाज चल रहा है।

कई जगहों पर भूस्खलन

लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है, जिससे पहाड़ी जिले में सड़क संपर्क बाधित हो गया है। मिट्टी और मलबे के खिसकने से ऊटी-मेट्टुपलयम और ऊटी-कुन्नूर राजमार्ग बंद हो गए, जिससे पहाड़ी जिले की ओर जाने वाला यातायात ठप हो गया। मेट्टुपलयम से करमदाई तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और बस यात्री घंटों तक फंसे रहे।

उधगमंडलम के थीतुकल इलाके में एक होटल की रिटेनिंग वॉल (सहारा देने वाली दीवार) ढह गई, जिससे दो कारें और छह दोपहिया वाहन नष्ट हो गए। कीचड़ में फंसे एक नाइट वॉचमैन को फायर एंड रेस्क्यू कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। वन विभाग ने एहतियात के तौर पर कैथरीन फॉल्स और कोडनाड व्यूप्वाइंट तक जाने का रास्ता अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बर्लियार में 25 सेमी और एडापल्ली में 20 सेमी बारिश दर्ज की गई। मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए राजमार्ग विभाग, अग्निशमन एवं बचाव सेवा विभाग और राजस्व विभाग ने जेसीबी सहित 20 से अधिक भारी मशीनें तैनात कीं।

भारी बारिश को देखते हुए, नीलगिरी की जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य तनेरू ने शनिवार को उदगमंडलम, कुन्नूर, कोटागिरी, कुंडा, गुडालुर और पांडालुर तालुकों के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की।

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