विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लोकसभा स्पीकर पर फेंके गए पेपर, विपक्ष के 8 सांसद सस्पेंड

Published: Tue, 03 Feb 2026 03:24 PM (IST)Updated: Tue, 03 Feb 2026 08:35 PM (IST)

लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को लेकर भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद सांसदों ने स्पीकर की ओर कागज के ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को संसदीय गरिमा तार-तार हो गई। विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी की, आसन की ओर कागज उछाले और कार्यवाही नहीं चलने दी।

स्पीकर ने इसे सदन की अवमानना करार देते हुए कड़ा रुख अपनाया और सात कांग्रेस एवं एक माकपा सांसद समेत आठ सदस्यों को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया। लगातार शोर-शराबे के कारण कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। अंतत: बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्ष का आरोप

विपक्ष का आरोप था कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्ता पक्ष ने स्पष्ट किया कि स्पीकर एक दिन पहले ही नियमन दे चुके हैं और उसी के तहत वक्तव्य देना चाहिए। पक्ष-विपक्ष में टकराव और हंगामे ने कार्यवाही को बार-बार बाधित किया और संसदीय मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। संसदीय गतिरोध की पृष्ठभूमि सोमवार से ही तैयार हो चुकी थी।

नियम के खिलाफ विरोध

विवाद की जड़ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का वह वक्तव्य है, जिसे वे पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की भारत-चीन संघर्ष (2020) से संबंधित अप्रकाशित पुस्तक के हवाले से देना चाहते थे। सत्ता पक्ष ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि अप्रकाशित पुस्तक का संदर्भ सदन में नहीं दिया जा सकता।

विपक्षी सदस्यों ने की नारेबाजी

मंगलवार को कार्यवाही कई बार स्थगित होने के बाद दोपहर तीन बजे दोबारा शुरू हुई तो पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने आगाह किया कि यदि कोई सदस्य आसन की ओर कागज फेंकता है या अव्यवस्था फैलाता है तो उसका नाम दर्ज किया जाएगा। फिर भी विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। कुछ सदस्यों ने कागज फाड़कर आसन की ओर फेंका और मेज पर चढ़ने का प्रयास किया।

संसदीय नियमों का उल्लंघन

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए इसे आसन की गरिमा का अपमान बताया। उन्होंने सत्र की शेष अवधि के लिए आठ सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया, जिसमें कहा गया कि विपक्ष ने न केवल संसदीय नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि स्पीकर एवं पीठासीन अधिकारी की चेतावनियों की भी अवहेलना की। हंगामे के बीच सदन ने ध्वनिमत से निलंबन प्रस्ताव पारित कर दिया, जिसके बाद दिनभर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

नहीं थम रहा विवाद

निलंबित सांसदों में कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी किरण कुमार रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिकम टैगोर, प्रशांत पडोले और डीन कुरियाकोस तथा माकपा के एस वेंकटेशन शामिल हैं। निलंबन के बाद भी विवाद थमा नहीं। कांग्रेस सांसदों ने राहुल के नेतृत्व में संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया और इसे विपक्ष को चुप कराने की कार्रवाई करार दिया।

सदन में अन्य मुद्दों पर भी माहौल तनावपूर्ण बना रहा। विपक्ष अमेरिका-भारत व्यापार समझौते और वाराणसी में अहिल्या बाई की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने के मुद्दे को उठाने पर अड़ा रहा। प्रश्नकाल शुरू होते ही शोर-शराबा शुरू हो गया, जिससे कार्यवाही स्थगित होती रही। स्पीकर ने बार-बार संयम बरतने और नियमों के तहत चर्चा करने की अपील की, लेकिन टकराव का माहौल हावी रहा। जाहिर है, तनाव सिर्फ वक्तव्य या नियमों की व्याख्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पक्ष-विपक्ष के बीच गहराते अविश्वास का आधार बन गया।

यह भी पढ़ें- लोकसभा में अब सिर्फ अपनी सीट पर बैठकर ही लगेगी सांसदों की अटेंडेंस, हॉल या लॉबी में रहे तो हो जाएंगे Absent