जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। इस बजट में सरकार की यह मंशा साफ तौर पर दिख रही है कि वह इसे आजाद भारत के 75वें वर्ष से 100 वर्ष की यात्रा को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है। यही वजह है कि सरकार की नजर उन उद्योगों पर खास तौर पर पड़ी है जो नए जमाने के उद्योग हैं। इस मंशा से ही सरकार ने इलेक्ट्रिकवाहनों को प्रोत्साहन देने की बात कही है और इसके लिए जरूरी बैट्री स्वैपिंग योजना लांच करने की घोषणा की गई है। डाटा सेंटर, एनर्जी स्टोरेज को ढांचागत क्षेत्र का दर्जा देने का बड़ा फैसला भी किया गया है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, सेमीकंडक्टर, स्पेस इकोनमी, ड्रोन तकनीक जैसे उभरते उद्योगों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया है कि इनके लिए आगे व्यापक विमर्श के बाद प्रोत्साहन स्कीमों का एलान किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री सीतारमण ने एक नई बैट्री स्वैपिंग योजना को लांच करने की बात कही है। यह खास तौर पर शहरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन की जरूरत को देखते हुए उठाया गया है। इसके तहत बिजली से चार्ज होने वाले बैट्री से चलने वाले वाहनों की बैट्री को चार्जिंग स्टेशनों पर बदला जा सकेगा। यानी कई घंटे चार्जिंग करने के बजाय कुछ ही मिनटों में बैट्री को बदलने की सुविधा होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि हम निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करेंगे कि वे बैट्री व एनर्जी को एक सर्विस उद्योग के तौर पर स्थापित करने में मदद करे। केंद्र ने वर्ष 2030 तक देश में बिकने वाली पैसेंजर कारों में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिककारों के होने का लक्ष्य रखा है। इस हिसाब से तब देश में 20-22 लाख इलेक्ट्रिककारों की बिक्री होगी जो अभी महज कुछ हजार है। इसके लिए बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन भी लगाने होंगे।

डाटा सेंटर और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को ढांचागत उद्योग का दर्जा दिए जाने पर खासा जोर

इस क्रम में वित मंत्री की तरफ से डाटा सेंटर और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को ढांचागत उद्योग का दर्जा दिए जाने की खासी अहमियत है। इससे इन उद्योगों को सस्ती दर पर बैंकों से कर्ज मिलने का रास्ता साफ होगा और साथ ही ढांचागत उद्योगों को जो कर रियायतें मिलती हैं वह भी हो सकेगा। एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में इलेक्ट्रि कवाहनों के लिए जरूरी बैट्री निर्माण से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े विशाल स्टोरेज सिस्टम तक शामिल होंगे। हाल ही में बिजली मंत्री आरके सिंह ने बैट्री स्टोरेज को लाइसेंस से मुक्त करने की घोषणा की थी।

नए जमाने के उद्योगों की अहम भूमिका

वित मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, जिओस्पेशियल सिस्टम्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर व इससे जुड़े दूसरे उद्योगों, स्पेस इकोनमी, जेनोमिक्स व फार्मास्यूकिटकल्स, ग्रीन एनर्जी, क्लीन मोबिलिटी सिस्टम का खास तौर पर जिक्र करते हुए कहा है कि देश को आधुनिक बनाने और पर्यावरण के अनुकूल विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में इन उद्योगों की बहुत ही अहम भूमिका होगी। ये भारतीय उद्योगों को प्रतिस्प‌र्द्धी बनाएंगे और युवाओं को रोजगार भी देगा। इन उद्योगो को लेकर सरकार प्रोत्साहन देगी, ताकि घरेलू क्षमता को बढ़ाया जा सके।

सोलर एनर्जी

-2030 तक देश में 2.80 लाख मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 19,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

- इससे देश में ही सोलर एनर्जी परियोजनाओं के लिए जरूरी पोलीसिलिकान से लेकर सोलर वीपी माड्यूल्य का निर्माण किया जाएगा।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan