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SIR में कटे गोवा के परिवार के 6 लोगों के नाम, बॉम्बे HC ने EC से पूछा- सॉफ्टवेयर में खराबी है तो वोटर क्यों भुगते

Published: Wed, 30 Sep 2026 10:45 AM (IST)

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गोवा के सांता क्रूज में विशेष पुनरीक्षण के दौरान एक परिवार के छह सदस्यों के नाम ...और पढ़ें

गोवा SIR वोटर लिस्ट से एक ही परिवार के 6 लोगों के नाम कटने पर चुनाव आयोग सख्त (जागरण)

गोवा SIR वोटर लिस्ट से एक ही परिवार के 6 लोगों के नाम कटने पर चुनाव आयोग सख्त (जागरण)

HighLights

  1. बॉम्बे हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट हटाने पर सवाल पूछे।

  2. गोवा के सांता क्रूज में एक परिवार के छह नाम हटे।

  3. चुनाव आयोग ने सॉफ्टवेयर की कमी को अपनी गलती माना।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। गोवा के सांता क्रूज निर्वाचन क्षेत्र में SIR (विशेष पुनरीक्षण) के दौरान एक ही परिवार के छह सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। इस पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल पूछे हैं।

चुनाव आयोग ने इस मामले में सफाई देते हुए इसे सॉफ्टवेयर में आई कमी बताया। इस पर हाई कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि यह आपकी तरफ से गलती है।

हाई कोर्ट ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल

याचिकाकर्ता परेश सालगांवकर ने जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जामसांडेकर की बेंच को बताया कि उन्होंने और उनके परिवार ने उसी निर्वाचन क्षेत्र में घर बदलने के बाद SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 8 जमा किया था, लेकिन बाद में पता चला कि उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।

बॉम्बे HC ने मंगलवार को चुनाव आयोग (EC) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस से सवाल किया कि गोवा के एक ही परिवार के छह सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से क्यों हटा दिए गए, जबकि उन्होंने पता बदलने की जानकारी देने के लिए फॉर्म 8 जमा किया था।

फॉर्म 6 और फॉर्म 8 को लेकर विवाद

चुनाव आयोग ने हाई कोर्ट को बताया कि सिस्टम में SIR के गिनती वाले चरण (एन्यूमरेशन फेज) के दौरान फॉर्म 8 को प्रोसेस करने की सुविधा नहीं थी।

आयोग ने कहा कि फॉर्म 8 प्रोसेस नहीं हो पाया, इसलिए बाद में परिवार से नए वोटर के तौर पर शामिल होने के लिए फॉर्म 6 भरने को कहा गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।

फॉर्म 8 पर क्यों नहीं किया विचार?

बेंच ने सवाल किया कि चुनाव आयोग ने SIR के दौरान जमा किए गए फॉर्म 8 आवेदनों पर विचार क्यों नहीं किया, जबकि वे तय समय के भीतर जमा किए गए थे।

बेंच ने कहा, 'यह आपके सॉफ्टवेयर की समस्या है। क्या आप सोच सकते हैं कि क्या होगा, कितने वोटर इस तरह छूट जाएंगे? आप किसी से फॉर्म 6 भरने के लिए कैसे कह सकते हैं? फिर फॉर्म 8 क्यों है?'

चुनाव आयोग ने जवाब दिया कि फॉर्म 8 सामान्य प्रक्रिया के तहत भरा जा सकता है, लेकिन गिनती की प्रक्रिया के दौरान नहीं। चुनाव आयोग के वकील ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता और उनका परिवार लगभग आठ साल पहले घर बदल चुके थे और पता बदलने की जानकारी अधिकारियों को देना उनकी जिम्मेदारी थी। हालांकि, बेंच इस बात से सहमत नहीं हुई।

हाई कोर्ट ने कहा- चुनाव आयोग की गलती

बॉम्बे हाई कोर्ट चुनाव आयोग ने पूछा, 'यह फॉर्म 8 कब से है? इलेक्ट्रॉनिक युग से पहले की बात करें। आप इसे कैसे करते?... अब, क्योंकि आपके पास सॉफ्टवेयर है, इसलिए यह समस्या पैदा हुई है। आप सॉफ्टवेयर को ओवरराइट नहीं कर सकते... यह आपकी तरफ से की गई गलती है।'

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