नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क/एजेंसी)। अमेरिका के फ्लोरिडा में एक Boeing 737 की नदी में क्रैश लैंडिंग कराई गई। हालांकि, 136 यात्रियों को लेकर जा रहे इस विमान के सभी यात्री सुरक्षित बच गए। लेकिन एक बार फिर Boeing के एक और विमान पर सवाल खड़ा हो गया। इससे पहले Boeing के ही 737 सीरीज के मैक्स-8 विमानों पर कई देशों में प्रतिबंध लग चुका है।

बता दें कि इससे पहले इथियोपिया हादसे के बाद कई देशों ने 737 मैक्स का परिचालन रोक दिया था। भारत ने भी जांच के बाद बोइंग 737 मैक्स विमानों के परिचालन पर रोक लगा दी थी। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने भी बोइंड 737 मैक्स विमानों के परिचालन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया था।

नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने उस वक्त कहा था कि सुरक्षा के लिए जरूरी बदलाव किए जाने तक इन विमानों को इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

इथियोपिया के अलावा ब्रिटेन, सिंगापुर, चीन, फ्रांस, आयरलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और मलेशिया समेत 18 देश बोइंग 737 मैक्स 8 की सेवा को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर चुके हैं।

इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने विमानन नियामक डीजीसीए को घरेलू विमानन कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बोइंग 737 मैक्स विमानों की सुरक्षा जांच करने के लिए कहा था।

संकट के दौर से गुजर रही और फिलहाल बंद पड़ी जेट एयरवेज और स्पाइसजेट के बेड़े में 737 मैक्स विमान शामिल हैं। स्पाइसजेट पर भी इस प्रतिबंध का अच्छा असर पड़ा था। 

गौरतलब है कि इथियोपिया एयरलाइंस के विमान क्रैश में 157 लोगों की मौत हो गई थी। एयरलाइंस का विमान रविवार 10 मार्च को अदिस अबाबा से नैरोबी के लिए उड़ान भरते समय हादसे का शिकार हो गया था।

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Posted By: Digpal Singh

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