विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कैसे हुआ अजित पवार का प्लेन क्रैश? सामने आएगा सच, ब्लैक बॉक्स बरामद

Published: Thu, 29 Jan 2026 11:50 AM (IST)

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद जांचकर्ताओं ने ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है। ...और पढ़ें

बरामद हुआ प्लेन का ब्लैक बॉक्स।

बरामद हुआ प्लेन का ब्लैक बॉक्स।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत हो गई। इस हादसे में प्लेन में सवार अजित पवार के साथ चार अन्य लोगों की भी मौत हो गई। ताजा घटनाक्रम में जांचकर्ताओं ने लीयरजेट विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है।

ब्लैक बॉक्स में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर होते हैं। अब इस दुखद दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए उसका एनालिसिस किया जाएगा। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की एक स्पेशल टीम ने बुधवार शाम को दुर्घटनास्थल का दौरा किया ताकि इस दुखद दुर्घटना की फोरेंसिक जांच शुरू की जा सके।

लैंडिंग के समय क्रैश हुआ प्लेन

अजित पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंड करने की कोशिश करते समय क्रैश हो गया। दिल्ली की कंपनी वीएसआर वेंचर्स का यह लीयरजेट 45 विमान सुबह करीब 8:45 बजे क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और अटेंडेंट और कॉकपिट क्रू के दो लोग, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शाम्भवी पाठक की मौत हो गई।

अजित पवार सुबह करीब 8 बजे मुंबई से निकले और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने गृहनगर बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे।

उड्डयन मंत्रालय ने क्या कहा?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक बयान में अजित पवार के विमान दुर्घटना से जुड़ी घटनाओं का क्रम बताया गया है, जिसमें एक संभावित चिंताजनक बात यह भी शामिल है कि क्रू ने 'लैंडिंग क्लीयरेंस का रीडबैक नहीं दिया'।

सुबह 8.18 बजे, VT-SSK के तौर पर रजिस्टर्ड प्लेन ने बारामती एयरपोर्ट से संपर्क किया। इस समय कपूर और को-पायलट पाठक को मौसम की स्थिति के बारे में बताया गया और अपनी मर्जी से लैंड करने की सलाह दी गई। कपूर को 15,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव था और पाठक को लगभग 1,500 घंटे उड़ान का अनुभव था।

मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि क्रू ने हवा और विजिबिलिटी के बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि विजिबिलिटी लगभग 3,000 मीटर थी। इसके बाद एयरक्राफ्ट ने रनवे 11 पर फाइनल अप्रोच की रिपोर्ट दी।

कुछ ही देर बाद पायलट ने बताया कि लैंडिंग स्ट्रिप 'नजर नहीं आ रही' है और उसे गो-अराउंड शुरू करने के लिए कहा गया, जो एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर है अगर प्लेन के पूरी तरह रुकने से पहले किसी भी समय शुरुआती लैंडिंग कैंसिल कर दी जाती है।

गो-अराउंड के बाद क्रू से फिर से उसकी पोजीशन के बारे में पूछा गया और पायलट ने फाइनल अप्रोच की रिपोर्ट दी। रनवे अब दिख रहा है, इसकी पुष्टि करने के लिए पूछा गया और जवाब मिला। इसके बाद सुबह 8:43 बजे प्लेन को लैंड करने की इजाजत दे दी गई।

हालांकि, लैंडिंग क्लीयरेंस का कोई रीडबैक नहीं हुआ। मंत्रालय ने कहा, "इसके बाद एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) ने सुबह 8:44 बजे रनवे 11 के किनारे आग की लपटें देखीं।"

यह भी पढ़ें: शरद पवार की राजनीति के उत्तराधिकारी, 'दादा' अजित पवार के जीवन के पांच महत्वपूर्ण मोड़