नई दिल्ली, एएनआइ। वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कहा गया है कि बर्ड फ्लू फैलने के खतरे से बचने के लिए बड़ी संख्या में पोल्ट्री जानवरों को मार दिया गया है, जिसमें OIE के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन ने कहा है कि रोग नियंत्रण के लिए मुर्गियों के प्रति अमानवीय तरीकों की हम कड़ी निंदा करते हैं। देशभर में बर्ड फ्लू फैलने के साथ, सभी उपलब्ध संसाधनों को सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रभावित जानवरों का मानवीय उपचार किया जाए।

खेतों में जानवरों को बीमारियों का खतरा अधिक है। या फिर जहां भी उन्हें एक साथ ज्यादा संख्या में रखा जाता है, वहीं बीमारियां आसानी से फैलती हैं। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि पशु कल्याण रोग की रोकथाम का मूल आधार है। मुर्गियों और अन्य खेत के जानवरों में जान है, वो भी सांस लेने वाले प्राणी हैं जो दर्द, पीड़ा और खुशी महसूस करते हैं। मुर्गों को अच्छी तरह से नियंत्रित किया जाना चाहिए और विनिमय उपकरणों का इसमें इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, विशेषज्ञों ने मुर्गियों पर इंजेक्शन के इस्तेमाल से भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इससे उन्हें दर्द होता है। उनका मानना है कि किसी जानवर की मृत्यु की पुष्टि होने पर जिम्मेदारी से उनका निपटारा करना चाहिए क्योंकि जमीन, नदियों या अन्य जगहों पर डंपिंग करने से बिमारियां फैलने का खतरा रहता है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021