नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल में 20 फीसद एथनाल के मिश्रण के लक्ष्य को अब वर्ष 2025 तक हासिल कर लेने का एलान किया। अभी तक यह लक्ष्य 2030 तक हासिल करने का संकल्प था। प्रधानमंत्री ने जैविक खेती और जैव ईंधन के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि एथनाल 21वीं सदी के भारत की बड़ी प्राथमिकता से जुड़ गया है। इसके इस्तेमाल से पर्यावरण के साथ ही किसानों के जीवन पर बेहतर प्रभाव पड़ रहा है।

क्लाइमेट जस्टिस का अगुवा बनकर उभरा भारत

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज क्लाइमेट जस्टिस का अगुवा बनकर उभर रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने जैविक खेती और जैव ईंधन के उपयोग पर देश भर के किसानों के साथ चर्चा की। साथ ही 'बेहतर पर्यावरण के लिए जैव ईंधन को प्रोत्साहन' विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित भी किया। पीएम ने कहा कि आज से सात-आठ साल पहले देश में एथनाल की चर्चा बहुत कम होती थी, लेकिन अब यह देश की बड़ी प्राथमिकताओं से जुड़ गया है। हर कोई इसके महत्व को समझने लगा है।

एथनाल मिश्रण के रोडमैप को भी जारी किया

उन्होंने एथनाल मिश्रण के रोडमैप को भी जारी किया। साथ ही पुणे में एथनाल के उत्पादन और देश भर में इसके वितरण की महत्वाकांक्षी परियोजना ई-100 का शुभारंभ भी किया। पीएम ने कहा कि इतने बड़े फैसले के पीछे हौसला पिछले सात सालों की वह सफलता है जिसके तहत जो काम हाथ में लिया गया, उसे तय समय से पहले पूरा किया गया। पेट्रोल में अभी 8.5 फीसद एथनाल का मिश्रण प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 तक भारत में पेट्रोल में औसतन सिर्फ एक-डेढ़ प्रतिशत एथनाल का ही मिश्रण किया जाता था। अब यह बढ़कर 8.5 फीसद हो गया है।

एथनाल की बिक्री से देश के किसानों को बड़ा लाभ

वर्ष 2013-14 में जहां देश में 38 करोड़ लीटर एथनाल खरीदा जाता था, वहीं अब इस का अनुमान 320 करोड़ लीटर से ज्यादा का है। यानी आठ गुना ज्यादा एथनाल खरीदा गया है। बीते साल ही तेल कंपनियों ने करीब 21 हजार करोड़ रुपये का एथनाल खरीदा है। इसका एक बड़ा हिस्सा देश के किसानों को गया है। किसानों को हो रहा फायदा प्रधानमंत्री ने कहा कि एथनाल की बिक्री से देश के किसानों, विशेष रूप से गन्ना किसानों को बहुत लाभ हुआ है। वर्ष 2025 तक जब पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनाल का मिश्रण होने लगेगा, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किसानों को कितनी बड़ी मात्रा में तेल कंपनियों से सीधे पैसे मिलेंगे।

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का भी जिक्र

सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे पीएम ने इस मौके पर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का भी जिक्र किया और कहा कि भारत इससे निपटने के तेजी से आगे बढ़ रहा है। जो दुनिया पहले भारत को चुनौती के रूप में देखती थी, वही आज इस संकट के खिलाफ एक बड़ी ताकत बनकर खड़ा है। भारत जलवायु परिवर्तन के प्रदर्शन सूचकांक में शीर्ष के दस देशों में शामिल है। हम सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे है। पिछले छह सालों में इस क्षेत्र में देश की क्षमता करीब पंद्रह गुना बढ़ी है। इस दौरान उन्होंने इलेक्टिक वाहन, प्लास्टिक उपयोग से बचने, एयरपोर्ट को एलईडी लाइटों से रोशन करने सहित पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।

Edited By: Ramesh Mishra