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बंगाल चुनाव में मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा अर्धसैनिक बलों की तैनाती, चुनाव आयोग ने जारी किया सुरक्षा का ब्लूप्रिंट

Published: Wed, 15 Apr 2026 03:37 PM (IST)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए निर्वाचन आयोग ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ...और पढ़ें

HighLights

  1. 2407 कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए

  2. मुर्शिदाबाद, पूर्व मेदिनीपुर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था

  3. शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना लक्ष्य

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। आगामी 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए, आयोग ने रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों की पहचान करते हुए कुल 2,407 कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इस भारी तैनाती का मुख्य उद्देश्य राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां राजनीतिक हिंसा का इतिहास रहा है।

मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा केंद्रीय बलों की तैनाती

आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि इस बार सबसे अधिक ध्यान मुर्शिदाबाद जिले पर केंद्रित है। मुर्शिदाबाद को दो पुलिस जिलों मुर्शिदाबाद पुलिस जिला और जंगीपुर में विभाजित कर कुल 316 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। इसमें अकेले मुर्शिदाबाद पुलिस जिले में 240 कंपनियां मोर्चा संभालेंगी।

मुर्शिदाबाद के बाद सुरक्षा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण जिला पूर्व मेदिनीपुर बनकर उभरा है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु  अधिकारी के गृह जिले और नंदीग्राम जैसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र के कारण यहां 273 कंपनियों की तैनाती की गई है। नंदीग्राम में इस बार मुकाबला दिलचस्प है, जहां शुभेंदु अधिकारी का सामना पूर्व भाजपा नेता और अब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर से होने जा रहा है।

पश्चिम मेदिनीपुर में 271 कंपनियां रहेंगी तैनात 

मुर्शिदाबाद और पूर्वी मेदिनीपुर के अलावा, पश्चिम मेदिनीपुर भी सुरक्षा के रडार पर है, जहां 271 कंपनियां मुस्तैद रहेंगी। जंगलमहल और उत्तर बंगाल के जिलों में भी बल की भारी मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। बांकुड़ा में 193 और बीरभूम में 176 कंपनियां तैनात होंगी, जबकि मालदा में 172 और पुरुलिया में 151 कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उत्तर बंगाल के कोचबिहार में 146, दक्षिण दिनाजपुर में 83, और दार्जिलिंग में 61 कंपनियां तैनात की जाएंगी। आयोग ने उत्तर दिनाजपुर को भी दो हिस्सों—इस्लामपुर और रायगंज में बांटकर कुल 132 कंपनियां भेजने का फैसला किया है।

आयोग ने सिलीगुड़ी और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों के लिए क्रमशः 44 और 125 कंपनियों का आवंटन किया है। शांतिपूर्ण मतदान के संकल्प को दोहराते हुए निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सोमवार तक सभी सुरक्षा बलों को उनके निर्धारित स्थानों पर पहुंच जाना चाहिए।

23 अप्रैल को होने वाले इस मतदान में उत्तर बंगाल के सभी जिलों सहित जंगलमहल के संवेदनशील इलाकों में जनता की सुरक्षा का जिम्मा इन्हीं केंद्रीय बलों के कंधों पर होगा। स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बिठाकर ये जवान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चौबीसों घंटे चौकसी बरतेंगे।

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