नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। रेलवे स्टेशनों में एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं देने की योजना की शुरुआत आनंद विहार, चंडीगढ़, पुणे, सिकंदराबाद और बेंगलुरु रेलवे स्टेशनों से होगी। यह योजना इसी महीने से शुरु कर दी जाएगी।यहां इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट कांट्रैक्ट के तहत साफ-सफाई से लेकर रिटायरिंग रूम, लाउंज  की व्यवस्था संभालने का कार्य निजी कंपनियां करेंगी। जबकि प्लेटफार्म टिकटों की चेकिंग जैसे कुछ कार्य भी प्राइवेट मार्शलों को सौंपे जाएंगे।

इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (आइआरएसडीसी) के एमडी एसके लोहिया ने बताया कि स्टेशन पुनर्विकास के साथ-साथ इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट कांट्रैक्ट के जरिए यात्रियों का अनुभव बढ़ाने के लिए स्टेशनों पर साफ-सफाई, खानपान और प्लेटफार्म टिकट चेकिंग, पार्किंग जैसे कार्य भी इन कार्यो में माहिर निजी कंपनियों को सौंपने का निर्णय हुआ है। आनंद विहार, चंडीगढ़, सिकंदराबाद, पुणे और बेंगलुरु समेत पांच स्टेशनों से इसकी शुरुआत की जा रही है।

इनमें बेंगलुरु का फैसिलिटी मैनेजमेंट कांट्रैक्ट पिछले ही दिनों एक निजी कंपनी नाइट फ्रैंक को दिया गया है। आनंद विहार और चंडीगढ़ स्टेशन के कांट्रैक्ट भी इसी माह अवार्ड किए जाएंगे। इसके लिए आइआरएसडीसी इन्हें इसी महीने अपने हाथ में ले लेगा। लोहिया के मुताबिक इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट के अंतर्गत आइआरसीटीसी के लाउंज भी आइआरएसडीसी के कब्जे में आ जाएंगे। मौजूदा अनुबंध समाप्त होने के बाद इन लाउंज के संचालन के अनुबंध नए सिरे से दिए जाएंगे। 

इस बीच रेलवे बोर्ड ने आइआरएसडीसी से स्टेशन पुनर्विकास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने को कहा है। आइआरएसडीसी ने योजना में शामिल 50 रेलवे स्टेशनों में से 43 स्टेशनों के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) अनुबंध जारी किए हैं। ये अनुबंध सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों-राइट्स, मेकॉन, ईपीआइएल, एनपीसीसी और बी एंड आर को दिए गए हैं। योजना पर 7500 करोड़ रुपये के प्रारंभिक पूंजी निवेश का अनुमान है।

रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंजीनियरिंग) विश्वेश चौबे के कहा कि जमीन के पट्टे की अवधि को 45 साल से बढ़ाकर 99 साल करने के कैबिनेट के निर्णय से स्टेशन पुनर्विकास योजना को आगे बढ़ाने में बड़ी मदद मिली है। निकट भविष्य में अमृतसर, ग्वालियर, साबरमती, ठाकुरली, नागपुर तथा बैयापहल्ली (बेंगलुरु) स्टेशनों के कांट्रैक्ट ईपीसी/पीपीपी मोड में दिए जाएंगे। जबकि सूरत स्टेशन का अनुबंध डीबीएफओटी पर जारी होगा।

विश्वेश चौबे के अनुसार,  गांधीनगर, हबीबगंज, चारबाग तथा गोमतीनगर स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य पहले ही शुरू हो चुके हैं। गांधीनगर का काम मार्च तक पूरा हो जाएगा। जबकि हबीबगंज के जुलाई तक पूरा होने की आशा है। इस बीच आनंद विहार, बिजवासन तथा चंडीगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास संबंधी कार्यो को इसी माह प्रारंभ करने के इरादे से आइआरएसडीसी ने रेलवे फाइनेंस कारपोरेशन से 600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। 

Posted By: Mangal Yadav