नई दिल्ली, एएनआई। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया है। इस लॉकडाउन की वजह से सुप्रीम कोर्ट के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने गर्मियों की छुट्टी रद्द करने की अपील की है।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान कोर्ट के समय में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और अन्य सिटिंग जजों को इस साल गर्मियों की छुट्टी रद्द करने का आग्रह करते हुए एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना सबसे ज्यादा 1035 मामले सामने आए हैं और 40 लोगों की मौत हुई है। अब देश में कोरोना के कुल मामले 7447 हो चुके हैं और 239 लोगों की मौत हुई है।

दूसरी तरफ लॉकडाउन की अवधी बढ़ाने को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लॉकडाउन की बात करते हुए मैंने कहा था- जान है तो जहान है। जब मैंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था, तो प्रारम्भ में बल दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत आवश्यक है।

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