आयुष्मान भारत योजना से क्यों हटाए गए 2000 से ज्यादा लिस्टेड अस्पताल? 86 हजार से ज्यादा PG मेडिकल सीटें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने लोकसभा में बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 2,000 से अधिक अस्पतालों को ...और पढ़ें

आयुष्मान भारत योजना से हटाए गए 2000 से ज्यादा लिस्टेड अस्पताल (AI जेनरेटेड फोटो)
HighLights
आयुष्मान भारत योजना से 2,000 से अधिक अस्पताल हटाए गए।
धोखाधड़ी रोकने को AI-मशीन लर्निंग का उपयोग, करोड़ों की बचत।
देश में 86,360 पीजी मेडिकल सीटें।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने लोकसभा में जानकारी दी कि 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत 31 मई तक 2,000 से अधिक अस्पतालों को पैनल से हटाया गया है। इसी तरह 1,200 अन्य अस्पतालों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पैनल से निलंबित कर दिया है।
नड्डा ने शुक्रवार को बताया कि पांच लाख की स्वास्थ्य बीमा योजना के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के लिए 29 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 328.49 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए हैं। 2,359 अस्पतालों को उल्लंघनों के लिए पैनल से हटाया गया है।
धोखाधड़ी पर सरकार का सख्त एक्शन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना धोखाधड़ी के प्रति शून्य सहिष्णुता दृष्टिकोण अपनाती है और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के तहत राष्ट्रीय एंटी-फ्रॉड यूनिट संदिग्ध दावों का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित स्वचालित ट्रिगर्स का उपयोग करती है।
ये स्वचालित जांच असामान्य दावों के पैटर्न को चिह्नित करती हैं, जिसमें अनधिकृत बिलिंग, डुप्लिकेट प्रविष्टियां, बढ़ी हुई प्रक्रियाएं और रोगी की पहचान का दुरुपयोग शामिल है, जो दावे प्रस्तुत करने के 24 घंटे के भीतर होती हैं।
संदिग्ध के रूप में चिह्नित दावों की भुगतान से पहले जांच की जाती है और जो धोखाधड़ी की पुष्टि हो तो उन्हें भुगतान नहीं किया जाता। इससे 31 जुलाई, 2026 तक 676.14 करोड़ रुपये की बचत होती है। योजना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के निलंबन और पैनल से हटाने के अलावा अन्य कार्रवाई जैसे जुर्माना और प्राथमिकी दर्ज करना भी शामिल है।
केंद्र ने इस वर्ष योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 8,438.27 करोड़ रुपये जारी किए। नड्डा ने कहा कि 31 जुलाई, 2026 तक देशभर में 95.99 करोड़ आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (आभा) बनाए गए हैं, जिनमें से 5.25 करोड़ गुजरात में हैं।
भारत में 86,360 पीजी मेडिकल सीटें
भारत में वर्तमान में 86,000 से अधिक पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल सीटें हैं, जिनमें कर्नाटक का सबसे अधिक योगदान है। जबकि सभी डिप्लोमा सीटों को पूर्ण डीप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) सीटों में बदलने का प्रस्ताव नहीं है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) और नेशनल बोर्ड आफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने सरकार को सूचित किया है कि देशभर में कुल 86,360 पीजी मेडिकल सीटें हैं।
नड्डा ने कहा, 'नेशनल बोर्ड आफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) द्वारा सूचित किया गया है, सभी डिप्लोमा सीटों को पूर्ण पीजी मेडिकल डिग्री (डीएनबी) सीटों में बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।'
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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