नई दिल्ली, एएनआइ। आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) ने गुरुवार को आयुष रोगनिरोधक दवाओं के वितरण का अभियान शुरू किया। साथ ही देशभर के 75 लाख की जनता की लाइफस्टाइल व खान-पान को लेकर लिखित गाइडलाइंस भी देने की शुरुआत की है। इसमें 60 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों और फ्रंटलाइन वर्करों का खास ध्यान रखा जा रहा है।

कोविड-19 से बचाव के लिए दिए जा रहे इन आयुर्वेद के इन रोगनिरोधी दवाओं में संशमणि वटी (Sanshamani Vati) है जिसे गुडुची या गिलोय घन वटी (Guduchi or Giloy Ghan Vati) और अश्वगंधा घन वटी (Ashwagandha Ghan Vati) के तौर पर जानते हैं। इस किट और गाइडलाइंस को CCRAS (Central Council for Research in Ayurvedic Medicines) ने तैयार किया है। 

'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत चल रहे आयुष सप्ताह में अपनी विभिन्न गतिविधियों की सीरिज में आयुष मंत्रालय की ओर से यह पहल की जा रही है। केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और आयुष राज्य मंत्री डाक्टर मुंजपारा महेंद्रभाई ने संयुक्त रूप से आज इस अभियान का शुभारंभ किया।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इस अभियान का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों और अभियान को मूर्त रूप देने में योगदान देना है ताकि 'सभी के लिए स्वास्थ्य' सुनिश्चित किया जा सके। प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सात कार्यों को सूचीबद्ध किया है और उनमें से पहला है बुजुर्गों की देखभाल करना।

 

Edited By: Monika Minal