जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। एम्‍स ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया कि उनकी हालत स्थिर है। उन्‍हें एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही है, जिसके अनुकूल परिणाम मिल रहे हैं। सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर स्थिर हैं। जब तक संक्रमण नियंत्रित नहीं होता, तब तक उन्‍हें अस्पताल में रहना होगा। यानि अभी वाजपेयी को अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज नहीं किया जाएगा।

इससे पहले सोमवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका हालचाल जानने एम्स पहुंचे। वह करीब 50 मिनट तक वहां रुके। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनका हाल-चाल जाना।

राहुल के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी अस्पताल पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी थे। पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के अलावा राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री और पार्टी पदाधिकारी भी उन्हें देखने एम्स पहुंचे।

वाजपेयी के एम्स में भर्ती होने की सूचना सोमवार को तेजी से फैली। सोशल नेटवर्क पर ट्वीट कर लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। एम्स की प्रवक्ता डॉ. आरती विज ने कहा कि नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की टीम उनकी जांच कर रही है। इससे पहले एम्स के डॉक्टर अटल बिहारी वाजपेयी के घर पर ही जांच के लिए जाते रहे हैं। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी नियमित तौर पर उनके घर इलाज के लिए जाते थे।

बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) से जूझ रहे हैं। वह 2009 से ही व्हीलचेयर पर हैं। उन्हें 27 मार्च 2015 को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका जन्मदिन (25 दिसंबर) सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 

By Tilak Raj