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बंगाल-तमिलनाडु-केरलम: कैसे तीन राज्यों में हुआ सत्ता परिवर्तन? Inside Story

Published: Mon, 04 May 2026 02:45 PM (IST)Updated: Mon, 04 May 2026 02:48 PM (IST)

विधानसभा चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखा गया है। जनता ने पुरानी सरकारों को हटाकर नई पार्टियों को सत्ता सौंपी है।

केरलम, तमिलनाडु और बंगाल में सत्ता परिवर्तन की लहर (जागरण)

केरलम, तमिलनाडु और बंगाल में सत्ता परिवर्तन की लहर (जागरण)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में बदलाव की राजनीति दिखा रहे हैं। जनता ने इस बार करीब एक दशक से बैठी सरकारों को दरकिनार कर नई पार्टी को सत्ता की कमान सौंपी है।

तमिलनाडु में दशकों पुराने द्रविड़ वर्चस्व के टूटने से लेकर, केरलम में सत्ता-विरोधी लहर और पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक समीकरणों तक, यह जनादेश पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बदलने का संकेत दे रहा है।

बंगाल में BJP ने TMC के साथ कर दिया 'खेला'

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार जनता ने तृणमूल कांग्रेस का दामन छोड़ पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में वोट डाला है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, बीजेपी ने रुझानों में बहुमत के आंकड़े को पार कर 147 से ज्यादा सीटें हासिल कर ली हैं।

हालांकि, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC कुछ चुनिंदा इलाकों में अब भी अपनी पकड़ बनाए हुए है, लेकिन पूरे राज्य में जो व्यापक रुझान दिख रहा है, वह 'भगवा लहर' की ओर साफ इशारा कर रहा है।

इस चुनाव में बीजेपी ने अपने सभी बड़े नेताओं केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी चुनाव मैदान में उतारा था। प्रधानमंत्री मोदी की झालमुड़ी भी इस चुनाव में खूब छाई, जिसके चलते ममता बनर्जी का 15 साल का शासन खत्म हो रहा है।

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तमिलनाडु में थलापति विजय बने 'किंग'

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। विजय ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी DMK को पीछे छोड़ दिया है।

एक तरफ जहां तमिलनाडु में पिछले कुछ दशकों में कोई राजनीतिक उथल-पुथल देखने को नहीं मिल रही थी, वहीं विजय की (TVK) ने तमिलनाडु में अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाया है।

विजय ने दिसंबर 2025 में एक्टिंग को दुनिया को पूरी तरह अलविदा कहकर राजनीति को गले लगा लिया था, वहीं जनता ने भी इस चुनाव में विजय पर भरोसा जताया है।

तमिलनाडु चुनाव में यह नई पार्टी न सिर्फ मुकाबला कर रही है, बल्कि अलग-अलग इलाकों में DMK और AIADMK दोनों को पीछे छोड़ रही है। TVK ने विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में अब तक 100 से ज्यादा सीटें हासिल की हैं।

TVK के चुनावी वादों ने जनता का दिल जीता है। हर साल 6 मुफ्त LPG सिलिंडर, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और हर घर तक 100 प्रतिशत पाइप से पीने का पानी पहुंचाने का वादा किया था। विजय की पार्टी के इन वादों पर जनता ने अपने वोट की मुहर लगाई है।

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केरलम में 'सत्ता परिवर्तन' की राजनीति

कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) एक दशक बाद केरलम में सत्ता में वापसी के लिए तैयार है। यूडीएफ ने रुझानों में 100 से ज्यादा सीटें हासिल कर ली हैं।

केरलम में सत्ता स्थापित करने के लिए UDF को 71 सीटों की जरूरत थी, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली पार्टी बहुमत से ज्यादा सीटों पर आगे नजर आ रही है।

ये नतीजे पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली LDF सरकार के अंत का संकेत हैं। इस सरकार ने लगातार दो बार चुनाव जीतकर इतिहास रचा था, लेकिन अब उसे भारी हार का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं शशि थरूर और केसी वेणुगोपाल ने इन नतीजों को मौजूदा सरकार के दस साल पूरे होने के बाद 'एक नई तरह की राजनीति' के लिए मिला जनादेश बताया है। तिरुवनंतपुरम में पार्टी के राज्य मुख्यालय पर जश्न शुरू हो चुका है।

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