विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

असम मतदान के तीन दिन पहले सियासी उबाल, हिमंत बिस्व सरमा और पवन खेड़ा में आरोप-प्रत्यारोप

Published: Mon, 06 Apr 2026 10:43 PM (IST)

असम चुनाव से तीन दिन पहले पवन खेड़ा के आरोपों और हिमंत बिस्व सरमा के पलटवार से राज्य की राजनीति ...और पढ़ें

HighLights

  1. पवन खेड़ा ने सरमा की पत्नी पर तीन पासपोर्ट का आरोप लगाया।

  2. हिमंत बिस्व सरमा ने आरोपों को फर्जी बताकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।

  3. असम चुनाव से पहले सियासी घमासान, भ्रष्टाचार के आरोप-प्रत्यारोप।

नीलू रंजन, जागरण। मतदान के तीन दिन पहले पवन खेड़ा के वार और हिमंत बिस्व सरमा के पलटवार से असम की राजनीति में उबाल आ गया है। अपनी पत्नी के ऊपर के लगे तीन पासपोर्ट रखने और यूएई में कंपनी बनाने के आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए हिमंत बिस्व सरमा ने संभाला मोर्चा और दस्तावेजों को फर्जी बताते हुए पवन खेड़ा को जेल भेजने की धमकी दी।

मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइया सरमा ने खेरा के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज करा दी और सिविल और आपराधिक मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी।

हिमंत बिस्व सरमा पर लगाए आरोप

पवन खेड़ा के ताजा आरोपों और पहले दिल्ली व फिर गुवाहाटी में उसी मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को चुनाव के पहले हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप को बड़ा मुद्दा बनाने की आखिरी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल हिमंत बिस्व सरमा की लोकप्रियता की काट के रूप में कांग्रेस लंबे समय से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाती रही है । इनमें हजारों बीघा जमीन हासिल करने से लेकर अकूत संपत्ति बनाने तक के आरोप हैं।

प्रदेश अध्यक्ष व लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने भी असम में परिवर्तन यात्रा निकालकर इसे जोरदार तरीके से उठाया। हिमंत बिस्व सरमा ने सबूतों के साथ एफआइआर दर्ज कराने या फिर कोर्ट में जाने की चुनौती के साथ इसका जवाब दिया।

हिमंत बिस्व सरमा ने गौरव गोगोई की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए उनकी पाकिस्तान यात्रा और आइएसआइ के साथ संबंध की आशंका जताई । आरोपों की पुष्टि के लिए उन्होंने आठ फ़रवरी को असम पुलिस की जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक की।

इसके साथ गौरव गोगोई की पत्नी, बेटी और बेटे की ब्रिटिश नागरिकता और पत्नी और बेटी के ईसाई होने का सबूत पेश करते हुए उन्हें असमी अस्मिता को सुरक्षित रखने में अयोग्य करार दिया ।

पवन खेड़ा के आरोपों की गंभीरता से चुनाव में होने वाली आशंका को देखते हुए भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर से लेकर असम तक में तीखा प्रतिकार किया। रविवार को राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और सोमवार की सुबह खुद हिमंत बिस्व सरमा ने विस्तार से बताया कि कैसे पवन खेरा द्वारा पेश किये गए दस्तावेज कैसे फर्जी हैं।

हिमंत बिस्व सरमा ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे चुनाव प्रभावित करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की गहराई से जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया।

सरमा के अनुसार चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे पूरी मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखेंगे । सरमा ने कहा कि सजा सुनिश्चित नहीं होने की स्थिति ने ऐसे बेबुनियाद आरोप कभी भी किसी भी मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए जा सकते हैं।

हिमंत बिस्व सरमा के कड़े तेवर के बाद गौरव गोगोई ने तीन पासपोर्ट रखने के आरोपों से किनारा करते हुए कहा कि मूल बात यह है कि मुख्यमंत्री के परिवार की यूएई और विदेश में संपत्तियां हैं या नहीं। उन्होंने हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को दोहराते हुए उन्हें खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा भी दिया।

यह भी पढ़ें- बोडोलैंड की एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर खास नजर, असम चुनाव को लेकर क्या है भाजपा की तैयारी?