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इधर TVK चीफ विजय जादुई आंकड़ा छूने का कर रहे थे इंतजार, उधर 'किंगमेकर' बनते-बनते रह गया 'किंग'

Published: Tue, 12 May 2026 08:53 AM (IST)

तमिलनाडु में टीवीके के सी. जोसेफ विजय ने सरकार बना ली है, लेकिन दलित पार्टी के नेता थोल थिरुमावलवन मुख्यमंत्री बनने के करीब पहुंच गए थे।

मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए थोल थिरुमावलवन।

मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए थोल थिरुमावलवन।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में टीवीके ने सरकार बना ली है और थलापति विजय मुख्यमंत्री बन गए हैं। वहीं, जब शनिवार को जब टीवीके वीसीके के समर्थन का इंतजार कर रही थी तब दलित पार्टी के नेता थोल थिरुमावलवन मुख्यमंत्री बनने से बस एक कदम दूर थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि शुक्रवार देर रात राजनीतिक अनिश्चितता और सरकार बनाने को लेकर चल रही बातचीत के बीच डीएमके और एआईएडीएमके के समर्थन से थिरुमावलवन को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव सामने आया।

स्टालिन के घर गए थे थिरुमावलवन

वीसीके नेताओं के अनुसार, बातचीत तब तेज हुई जब शुक्रवार को थिरुमावलवन पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ स्टालिन के घर गए। तब तक सीपीआई और सीपीएम विजय को अपना औपचारिक समर्थन देने की प्रक्रिया में लगे हुए थे।

वीसीके के एक सदस्य ने कहा, "उस समय डीएमके नेतृत्व ने यह संकेत दिया कि वे थिरुमावलवन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार हैं। एआईएडीएमके नेतृत्व के साथ भी बातचीत इसी दिशा में आगे बढ़ रही थी।"

टीवीके को सत्ता से बाहर रखना चाहती थी डीएमके

सूत्रों ने बताया कि तब तक एआईएडीएमके के कुछ गुट टीवीके को सत्ता से बाहर रखने के लिए चुनाव के बाद डीएमके के साथ सत्ता-साझेदारी का फॉर्मूला तलाश रहे थे। माना जाता है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने थिरुमावलवन को केंद्र में रखकर ऐसी व्यवस्था की संभावना तलाशने में अहम भूमिका निभाई थी।

वामपंथी दलों ने टीवीके को समर्थन की घोषणा कर दी

वामपंथी दलों द्वारा टीवीके को समर्थन देने की घोषणा के बाद थिरुमावलवन ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस टाल दी, जिससे यह अटकलें लगने लगीं कि क्या पार्टी अपने विकल्पों पर फिर से विचार कर रही है। आखिरकार वीसीके प्रमुख ने टीवीके को पार्टी के बिना शर्त समर्थन का पत्र सौंप दिया।

बाद में थिरुमावलवन ने अपने सहयोगियों से कहा कि वह ऐसे व्यक्ति के रूप में नहीं देखे जाना चाहते जो किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहता हो। यह भी कहा गया कि वह टीवीके पर बीजेपी के संभावित प्रभाव को लेकर असहज महसूस कर रहे थे।

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