'अपर सियांग पावर प्रोजेक्ट' को लेकर अरुणाचल प्रदेश में प्रदर्शन, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; झड़प में चार महिलाएं घायल
अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' के विरोध में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें चार महिलाएं घायल हो गईं।

अरुणाचल प्रदेश में प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प (फोटो-सोशल मीडिया)
HighLights
सियांग परियोजना विरोध में पुलिस-प्रदर्शनकारी झड़प, चार महिलाएं घायल।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
परियोजना के खिलाफ कई संगठन मिलकर कर रहे हैं प्रदर्शन।
डिजिटल डेस्क, ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' को लेकर पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। यह घटना सियांग जिले के गेकू के पास 'डाइट-डाइम' में हुई।
एक अधिकारी ने बताया, 'भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस झड़प में चार महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।'
क्यों हो रहा प्रदर्शन?
अरुणाचल प्रदेश में यह प्रदर्शन प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की बिजली परियोजना के विरोध में बुलाया गया। 12 घंटे के बंद के दौरान, लगभग 150-200 प्रदर्शनकारी, जिनके पास धारदार हथियार, लाठियां और गुलेल थीं, पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ करने और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने लगे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव भी किया।
सियांग के पुलिस अधीक्षक (SP) कामदम सिखोम ने बताया, 'अपर सियांग जिले के गेकू और कोमकार इलाकों से आए लगभग 150 से 200 प्रदर्शनकारी सुबह करीब 7 बजे सियांग के डाइट-डाइम में इकट्ठा हुए और बंद का समर्थन किया। उन्होंने पुलिस के बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पथराव किया और निषेधाज्ञा (prohibitory orders) का उल्लंघन किया।'
SP कामदम सिखोम ने कहा कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। SP ने कहा कि सियांग जिले के अन्य हिस्सों में बंद शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनमें से कई लोग आंसू गैस के गोलों की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई।
कई दुकानें बंद, घरों के अंदर लॉक हुए लोग
'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' के विरोध में बुलाए गए इस बंद के कारण सियांग और अपर सियांग जिलों के साथ-साथ ईस्ट सियांग के कुछ हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा। दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और लोग ज्यादातर अपने घरों के अंदर ही रहे।
यह बंद 'आदि बाने केबांग यूनाइटेड', 'SUMP अफेक्टेड एरिया यूथ एसोसिएशन', 'सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम यूथ विंग' और 'आदि गैलो वेलफेयर सोसाइटी' द्वारा संयुक्त रूप से बुलाया गया था।
ये संगठन गिरफ्तार किए गए 10 कार्यकर्ताओं की रिहाई, निलंबित 'गांव बूढ़ों' (गांव के मुखियाओं) की बहाली, परियोजना से जुड़ी सभी शुरुआती गतिविधियों को वापस लेने और इलाके में तैनात अर्धसैनिक बलों व केंद्रीय बलों को हटाने की मांग कर रहे हैं।
सरकार क्यों ला रही ये प्रोजेक्ट?
अरुणाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि इस प्रस्तावित परियोजना का मुख्य उद्देश्य सियांग बेसिन में पानी का भंडारण और प्रबंधन करना है। यह कदम विशेष रूप से सियांग नदी के ऊपरी हिस्से में चीन द्वारा प्रस्तावित मेगा बांध को लेकर जताई गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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