नई दिल्‍ली, एजेंसियां। Weather Update अपने विदाई के चरण में पहुंचा मानसून देश के कुछ हिस्‍सों में कहर बरपा रहा है। मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और गुजरात में भारी बारिश से हालात खराब हो गए हैं। राजस्‍थान में बाढ़ के कारण स्थितियां इतनी खराब हो गई हैं कि मदद के लिए सेना को बुलाया गया है। बाढ़ से प्रभावित जिलों में राहत अभियानों में मदद के लिए सेना ने अपनी आठ टीमें तैनात की हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सेना की टीमें कोटा, झालावाड़, धौलपुर, सवाई माधोपुर में राहत अभियान चला रही हैं। वहीं मौसम विभाग ने यूपी के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

मौसम विभाग ने कन्‍नौज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्‍तानपुर, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, श्रावस्‍ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, अयोध्‍या, बस्‍ती, अंबेडकरनगर एवं उसके आसपास के इलाकों में मध्‍यम से भारी बारिश की चेतानवनी जारी की है। मौसम विभाग ने कहा है कि अभी गुजरात को बारिश से निजात नहीं मिलने वाली है। ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन के मुताबिक, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु में झमाझम बारिश की संभावना जताई है। 

वहीं पड़ोस के मध्‍य प्रदेश में मंदसौर, नीमच, भिंड, रतलाम में हालात बेहद खराब हैं। राज्‍य के मंदसौर का पित्‍याखेड़ी गांव पर बाढ़ के पानी की तगड़ी मार पड़ी है। यहां का गांधी सागर बांध ओवर फ्लो हो रहा है। भिंड कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से चंबल में बाढ़ आ गई है। राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) ने भी इस्‍ट गोदावरी जिले में नावका हादसे की जगह का हवाई सर्वे किया। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। 

राजस्‍थान के चित्‍तौड़गढ़ में राणा प्रताप बांध का पानी छोड़े जाने के कारण एक गांव को जोड़ने वाली सड़क पानी में डूब गई जिससे वहां स्कूल में 350 स्टूडेंट्स और 50 टीचर 24 घंटे तक फंसे रहे। कुछ जिलों में भारी बारिश और मध्य प्रदेश के गांधी सागर बांध से राजस्थान की ओर पानी छोड़े जाने से धौलपुर जिले में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीमें भेज दी गई हैं। कोटा में भी भारी बार‍िश से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आलम यह है कि कोटा बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। इससे चंबल नदी के आस पास के इलाके जलमग्‍न हो गए हैं। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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