नई दिल्‍ली, आइएएनएस। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच सेना प्रमुख जनरल एम नरवणे ने कहा है कि जब तक दोनों देशों के बीच सीमा समझौता नहीं हो जाता तक दोनों के बीच सीमा पर छिटपुट घटनाएं होती रहेंगी। पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ लगे सीमाई इलाकों में घटनाक्रम पश्चिमी और पूर्वी मोर्चे पर भारत की 'सक्रिय और विवादित सीमाओं' पर चल रही विरासत की चुनौतियों को जोड़ता है।

सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (PHD Chamber of Commerce and Industry, PHDCCI) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चीन के साथ हमारा बड़ा सीमा विवाद है। चीन की आक्रामक रवैये पर सेना प्रमुख (Army Chief General Manoj Mukund Naravane) ने कहा कि हम भविष्य में किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमने पहले भी ऐसा करके दिखाया है।  

सेना प्रमुख ने कहा कि सीमा पर चीन के साथ छिटपुट घटनाएं तब तक जारी रहेंगी जब तक कि इस मसले का एक दीर्घकालिक समाधान नहीं हो जाता है। हमारी कोशिशें इसी बात को लेकर होनी चाहिए ताकि हमारे पास उत्तरी (चीन) सीमा पर स्थायी शांति कायम हो सके। उत्तरी सीमाओं पर बड़े पैमाने पर संसाधन जुटाने की जरूरत है। हालांकि उन्‍होंने यह भी रेखांकित किया कि कोरोना महामारी ने काफी हद तक चीजों को प्रभावित किया है।

उल्‍लेखनीय है कि सेना प्रमुख का यह बयान ऐसे वक्‍त में सामने आया है जब ऐसी रिपोर्टें आ रही हैं कि चीन ने अपनी तैयारियों को अंजाम देना जारी रखे हुए हैं। बीते दिनों आई समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक चीन एलएसी से लगे अपने इलाकों में अपनी सेना के लिए स्‍थाई कंक्रीट के ठिकानों का निर्माण कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि‍ चीन की तैयारियों को देखकर ऐसा लगता है कि चीन का इरादा पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक टिके रहने की है।

Edited By: Krishna Bihari Singh