नई दिल्ली, प्रेट्र। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को सशस्त्र बलों में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डाटा को शामिल करने की हिमायत की। इस दौरान उन्होंने आगाह भी किया कि हमारे कुछ विरोधी मुल्कों सहित कई देश इस प्रौद्योगिकी पर भारी मात्रा में धन खर्च कर रहे हैं। यहां मानेकशॉ सेंटर में थल सेना प्रौद्योगिकी सेमिनार को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि अगर अब हमने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डाटा पर काम नहीं शुरू किया तो बहुत देर हो जाएगी।

सेना प्रमुख ने कहा, 'सैन्य मामलों में अगली क्रांति प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी में आने वाले नयेपन से तय होगी। हमने प्रौद्योगिकियों की पहचान की है जिन्हें सशस्त्र बलों में शामिल करने की जरूरत है। हालांकि हमें इसका भी समाधान तलाशने की जरूरत है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डाटा को अपनी प्रणाली में कैसे शामिल करें।' उन्होंने कहा कि यह वक्त इस मुद्दे का महत्वपूर्ण तरीकेसे समाधान करने का है। रावत ने कहा, 'हमारे कुछ विरोधी मुल्क सहित दुनिया भर के देश इस पर काफी धन खर्च कर रहे हैं।'

इस मौके पर रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना भविष्य के युद्ध में एक महत्वपूर्ण निर्धारक होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में लड़ी जाने वाली लड़ाइयों के तौर तरीकों पर 'बिग डाटा एनालिटिक्स', 'इंटरनेट ऑफ थिंग्स' और 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का बड़ा प्रभाव पड़ेगा। भामरे ने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी के सर्वोत्कष्ट उपयोग के जरिए सेना के आधुनिकीकरण के प्रति प्रतिबद्ध है।

Posted By: Arun Kumar Singh

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