चेन्नई (एजेंसी)। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता जब चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं तो इस दौरान सभी सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे, यह खुलासा गुरूवार को खुद अपोलो अस्पताल के चैयरमैन प्रताप सी रेड्डी ने किया। जयललिता इस अस्पताल में 75 दिनों तक भर्ती रहीं थी और इस अवधि के दौरान सारे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे। 

अपोलो के चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी ने बताया, 'दुर्भाग्य से सीसीटीवी बंद थे। जयललिता अस्पताल में भर्ती थीं और एक आईसीयू पूरी तरह से उनके अधीन था। इसलिए उन्होंने सारे फुटेज हटा दिये क्योंकि हर कोई उ्न्हें देखना चाहता था और वह नहीं चाहती थीं कि हर कोई यह सब देखे।' 

रेड्डी ने आगे बताया, 'हम अस्पताल में एक साधारण नीति का पालन करते हैं। आईसीयू करीबियों को भी थोड़ी देर के लिए आने की अनुमति होती है और इसके अलावा किसी और को यह अनुमति नहीं दी जाती है। चूंकि उनकी हालत गंभीर थीं, हमने अनुमति नहीं दी। लेकिन रिश्तेदारों के पास कुछ लोगों से पूछने का विकल्प जरूर था जिसकी अनुमति ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर द्वारा दी जा सकती थी।' 

आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत चेन्नई के एक अस्पताल में छह दिसंबर 2016 को हुई थी। इससे पहले वह लंबे समय अस्पताल में रही थीं। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर मौत की जांच के लिए आयोग का गठन किया है। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज ए. अरुमुघास्वामी को जांच का जिम्मा दिया गया है। वह जयललिता की मौत से पहले के सारे हालात पर गौर करेंगे और व्यापक जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।

खास बात है कि जयललिता की अस्पताल में देखरेख शशिकला व दिनाकरन ने की थी। दिनाकरन ने उपचार के दौरान का वीडियो भी बनाया था, जिसमें वह गाउन पहने हुए थीं। दिनाकरन का कहना था कि वीडियो वह जांच आयोग के हवाले करेंगे, क्योंकि वीडियो सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।

 

Posted By: Kishor Joshi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस