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अमित शाह से मुलाकात के बाद अन्नामलाई का रुख नरम, पीएम मोदी से मिलकर लेंगे बड़ा फैसला

By Niloo RanjnEdited By: Deepak Gupta
Published: Tue, 02 Jun 2026 11:38 PM (IST)Updated: Tue, 02 Jun 2026 11:43 PM (IST)

अन्नामलाई ने अमित शाह से मुलाकात के बाद भाजपा से इस्तीफे के अपने रुख में नरमी दिखाई है। अब वे ...और पढ़ें

अमित शाह से मिलकर नरम पड़े अन्नामलाई। (फोटो- फाइल)

अमित शाह से मिलकर नरम पड़े अन्नामलाई। (फोटो- फाइल)

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संक्षेप में पढ़ें

नीलू रंजन, नई दिल्ली। भाजपा से इस्तीफा देने पर अड़े तमिलनाडु के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिलने के बाद नरम पड़ गए हैं। अब उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी, उसके बाद ही वे इस्तीफे को लेकर अंतिम फैसला करेंगे। इस बीच तमिलनाडु के भाजपा नेताओं से अन्नामलाई की नाराजगी को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन को दिल्ली बुला लिया गया है।

अमित शाह से मिलने के पहले अन्नामलई ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महासचिव बीएल संतोष से भी मुलाकात की थी। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अमित शाह और अन्नामलई के बीच विजय की ऐतिहासिक जीत के बाद तमिलनाडु की राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की राजनीति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

कोयंबटूर से एक बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू करने पर चर्चा

चर्चा के दौरान अन्नामलाई ने पार्टी से अलग होकर कोयंबटूर से एक बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू करने के बारे में बताया। सूत्रों के अनुसार इस पर अमित शाह ने कहा कि यह जनसंपर्क अभियान भाजपा के बैनर तले भी हो सकता है और यह ज्यादा प्रभावशाली होगा। लेकिन अन्नामलई ने प्रदेश भाजपा नेताओं के एआईडीएमके और डीएमके के साथ भीतरी गठजोड़ का हवाला देते हुए कहा कि वे इसे सफल नहीं होने देंगे।

अमित शाह ने अन्नामलाई को दिया सहयोग का भरोसा

इसके जवाब में अमित शाह ने अन्नामलाई को केंद्रीय संगठन की ओर से पूरी तरह से सहयोग और प्रदेश नेताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किये जाने का भरोसा दिया। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने मीडिया में चल रहे अन्नामलाई की ओर से नितिन नवीन को सौंपे गए पांच पन्नों के इस्तीफे से भी इनकार किया।

बताया जा रहा है कि नितिन नवीन और बीएल संतोष दोनों के साथ मुलाकात में अन्नामलाई ने मौखिक रूप से इस्तीफे की बात जरूर की थी। लेकिन दोनों नेताओं ने उन्हें अमित शाह से मुलाकात के बाद ही कोई फैसला लेने का अनुरोध किया था।

भाजपा में अन्नामलाई के दायित्व को लकेर चर्चा

अन्नामलाई के तेवर नरम पड़ने के बाद भाजपा में उनके दायित्व को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। इनमें दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से लेकर केंद्रीय संगठन में अहम पद देने की बात की जा रही है। लेकिन यह प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात के बाद ही तय होगा।

ध्यान देने की बात है कि अन्नामलाई विधानसभा चुनाव के पहले एआईएडीएमके के साथ गठबंधन के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने और निर्णय प्रक्रिया से किनारा किये जाने को लेकर नाराज चल रहे थे। एआईडीएमके के साथ गठबंधन से पहले अन्नामलाई को हटाकर नयनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।

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