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क्या 'अर्नब' बन पाएगा चक्रवात? बंगाल की खाड़ी में उठा 'डीप डिप्रेशन', आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट

Published: Thu, 24 Sep 2026 04:48 PM (IST)Updated: Thu, 24 Sep 2026 05:16 PM (IST)

आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से में चक्रवात के खतरे को देखते हुए राज्य सचिवालय की रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से में चक्रवात का खतरा मंडराया (फाइल फोटो)

आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से में चक्रवात का खतरा मंडराया (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से में चक्रवात का खतरा मंडराया।

  2. रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) को हाई अलर्ट पर रखा गया।

  3. प्रभावित जिलों में बचाव और तैयारियों की समीक्षा जारी है।

डिजिटल डेस्क, अमरावती। आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से में चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए राज्य सचिवालय में रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यह प्रभावित जिलों में चक्रवात की चाल, मौसम के हालात और जमीनी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

चक्रवात की चाल पर कंट्रोल सेंटर की नजर

सूचना और जनसंपर्क विभाग के अनुसार, RTGS कमांड कंट्रोल सेंटर AWARE विंग के साथ मिलकर चक्रवात की चाल, तेजी, बारिश के पैटर्न, हवा की स्थिति और मौसम से जुड़ी अन्य गतिविधियों पर नजर रखा हुआ है।

जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है और उसे समय-समय पर जारी किया जा रहा है ताकि प्रशासन समय रहते बचाव और जरूरी कदम उठा सके। RTG विभाग के सचिव भास्कर कटमनेनी और RTGS के CEO प्रखर जैन चक्रवात की स्थिति और प्रभावित इलाकों में की जा रही तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

RTGS और AWARE की अलर्ट में अहम भूमिका

RTGS की AWARE विंग चक्रवात से जुड़े अलर्ट और सलाह जारी करने में अहम भूमिका निभा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक नागरिकों को उनके फोन पर समय-समय पर अलर्ट भेजे जा रहे हैं।

इससे उन्हें अपने इलाकों में चक्रवात की चाल, भारी बारिश, संभावित बाढ़ और मौसम से जुड़े अन्य खतरों के बारे में जानकारी मिल रही है।

साथ ही उन्होंने बताया कि ये जानकारी संबंधित जिलों के अधिकारियों, विभाग प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी साझा की जा रही है, ताकि वे स्थिति की समीक्षा कर सकें, और पहले से ही जरूरी एहतियाती कदम उठा सके।

जानकारी का प्रवाह राज्य स्तर से ज़िला और ज़मीनी स्तर के प्रशासनिक तंत्र तक बढ़ाया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चेतावनियाँ ज़मीनी स्तर पर तुरंत कार्रवाई करने वाले अधिकारियों तक पहुँचें।

किन जिलों पर रहेगा फोकस?

चक्रवात के कलिंगपट्टनम के पास तट पार करने की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने कुछ जिलों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।

जिनमें श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मन्यम, विशाखापत्तनम, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली शामिल हैं। जलाशयों के जलस्तर, कैचमेंट एरिया में पानी के बहाव और संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की लोगों से अलर्ट रहने की अपील

RTGS ने लोगो से भी सतर्क रहने और AWARE ऐप और वेबसाइट के जरिए रियल-टाइम में चक्रवात की गतिविधि पर नजर रखने की अपील की है। RTGS ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से अपडेट देखते रहें और अधिकारियों द्वारा जारी एहतियाती सलाह का पालन करें।

वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश

RTGS की डिप्टी CEO एम माधुरी, एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट पी श्रीखर, के चैतन्य और डी अखिला के साथ मिलकर संबंधित जिलों में स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं और वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की जानकारी दे रही हैं।

सोर्स- न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के अनुसार

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