नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। कहते हैं बुजुर्गों की बात का और आंवले के स्वाद का पता बाद में चलता है। जी, आंवला बेहद गुणकारी है। इसलिए इसे हर मर्ज की दवा भी कहा जाता है। आंवला पाचन तंत्र से लेकर स्मरण शक्ति को दुरुस्त करता है। नियमित रूप से आंवले का सेवन करने से बुढ़ापा भी दूर रहता है। मधुमेह, बवासीर, नकसीर, दिल की बीमारी जैसी समस्याओं का इलाज आंवले में छिपा है। आइए हम आपको बताते हैं कि आंवला आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।

आंवला वृक्ष की उत्पत्ति
ईसा से पांच सौ साल पहले महान आयुर्वेदाचार्य चरक द्वारा लिखी चरक संहिता में एक मात्र जिस जड़ी- बूटी का बार-बार उल्लेख है, वह आंवला है। हमारे मनीषियों ने कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी पर अगर आंवले की पूजा का विधान किया है तो उसके पीछे यही कारण है कि आम नहीं, बहुत खास है आंवला। अमृत फल देने वाले इस आंवले के एक पेड़ को अगर घर के आंगन या आसपास लगा दिया जाए तो पूरे परिवार का वैद्य बन यह सेहत की जरूरतें पूरी करता है।

आंवले का सेवन करने के फायदे

  • आंवला खाने से आंखों की रोशनी बढती है
  • आंवला शरीर की त्वचा और बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है
  • सुबह नाश्ते में आंवले का मुरब्बा खाने आपका शरीर स्वस्थ बना रहता है
  • आंवला का सेवन करने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है
  • आवंले का जूस भी पिया जा सकता है। आंवला का जूस पीने से खून साफ होता है
  • आंवला विटामिन-सी का अच्छा स्रोत होता है। एक आंवले में 3 संतरे के बराबर विटामिन सी की मात्रा होती है
  • आंवला खाने से लीवर को शक्ति मिलती है, जिससे हमारे शरीर में विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकलते हैं

आंवला खाने से बीमारियों में फायदा:
मधुमेह
डायबिटीज के मरीजों के लिए आंवला बहुत फायदेमंद होता है। मधुमेह के मरीज हल्दी के चूर्ण के साथ आंवले का सेवन करे। इससे मधुमेह रोगियों को फायदा होगा।

बवासीर
बवासीर के मरीज सूखे आंवले को महीन या बारीक करके सुबह-शाम गाय के दूध के साथ हर रोज सेवन करे। इससे बवासीर में फायदा होगा।

नकसीर के लिए
यदि नाक से खून निकल रहा है तो आंवले को बारीक पीसकर बकरी के दूध में मिलाकर सिर और मस्तिक पर लेप लगाइए। इससे नाक से खून निकलना बंद हो जाएगा।

 दिल के मरीज
आंवला खाने से दिल मजबूत होता है। दिल के मरीज हर रोज कम से कम तीन आंवले का सेवन करें। इससे दिल की बीमारी दूर होगी। दिल के मरीज मुरब्बा भी खा सकते हैं।

खांसी और बलगम
खांसी आने पर दिन में तीन बार आंवले का मुरब्बा गाय के दूध के साथ खाएं। अगर ज्यादा तेज खांसी आ रही हो तो आंवले को शहद में मिलाकर खाने से खांसी ठीक हो जाती है।

पेशाब में जलन
यदि पेशाब करने में जलन हो तो हरे आंवले का रस शहद में मिलाकर सेवन कीजिए। इससे जलन समाप्त होगी ओर पेशाब साफ आएगा।

पथरी के लिए
पथरी की शिकायत होने पर सूखे आंवले के चूर्ण को मूली के रस में मिलाकर 40 दिन तक सेवन कीजिए। इससे पथरी समाप्त हो जाएगी।

फल एक गुण अनेक स्वास्थ्य
आयुर्वेद में आंवला कब्ज का रामबाण, रक्त शोधक, पाचक, रुचिवर्धक तथा अतिसार, प्रमेह, दाह, पीलिया, अम्ल पित्त, रक्त विकार, रक्त स्नाव, बवासीर, कब्ज, अजीर्ण, बदहजमी, श्वास, खांसी, रक्त प्रदर नाशक तथा आयुवर्धक है।

सौंदर्य

  • निरंतर प्रयोग से बाल टूटना, रूसी, बाल सफेद होना रूक जाते हैं। नेत्र ज्योति तेज होती है। दांत मजबूत होते हैं।
  • रोज एक आंवला खाने से त्वचा की नमी बरकरार रहती है, इससे त्चचा पर कांति आती है और पिंपल्स जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं।

परंपरागत प्रयोग

  • आंवला आयुर्वेद और यूनानी पैथी की प्रसिद्ध दवाइयों, च्यवनप्राश, ब्रह्म रसायन, धात्री रसायन, अनोशदारू, त्रिफला रसायन, आमलकी रसायन, त्रिफला चूर्ण, धात्ररिष्ट, त्रिफलारिष्ट, त्रिफला घृत आदि के साथ मुरब्बे, शर्बत, केश तेल आदि निर्माण में प्रयुक्त होता है। रक्तवर्धक नवायस लौह, धात्री लौह, योगराज रसायन, त्रिफला मंडूर आंवले से बनाए जाते हैं।
  • मानव शरीर में सिर्फ ल्यूकोडर्मा में आंवला उपयोग नहीं होता। इसके अलावा सिर से पैर तक का कोई ऐसा रोग नहीं जहां आंवला दवा या खुराक के रूप में उपयोगी न रहता हो।
  • भारतीय गृहिणी की रसोई में भी आंवला, चटनी, सब्जी, आचार, मुरब्बे के रूप में सदा से विराजमान है।
  • इसके प्रयोग से शरीर की प्रतिरक्षी शक्ति सुरक्षित रहती है। बार-बार होने वाली बीमारियों से बचाव करने वाला आंवला ‘विटामिन सी’ का सबसे बड़ा भंडार है। इसका विटामिन ‘सी’ पकाने, सुखाने, तलने, पुराना होने पर भी नष्ट नहीं होता।
  • अमृत फल देने वाले इस आंवले के एक पेड़ को अगर घर के आंगन या आसपास लगा दिया जाए तो पूरे परिवार का वैद्य बन यह सेहत की जरूरतें पूरी करता है। 

आंवला खाने से कई प्रकार की शरीरिक समस्याओं और रोगों से बचाव होता है। और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। खासतौर पर सर्दियों में आंवला बहुतायत में मौजूद होता है। आंवला का कई प्रकार से सेवन किया जा सकता है और किसी भी रूप में इसका सेवन करने से ये उतना ही फायदा करता है।

Posted By: Sanjay Pokhriyal