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घुसपैठ सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं, सीमांचल से अमित शाह देंगे साफ संदेश

By Niloo RanjanEdited By: Deepak Gupta
Published: Tue, 24 Feb 2026 11:26 PM (IST)

गृहमंत्री अमित शाह बिहार के सीमांचल क्षेत्र का तीन दिवसीय दौरा करेंगे। इस दौरान वे अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में ...और पढ़ें

सीमांचल से अमित शाह देंगे साफ संदेश।

सीमांचल से अमित शाह देंगे साफ संदेश।


HighLights

  1. गृहमंत्री अमित शाह का सीमांचल में तीन दिवसीय दौरा।

  2. अवैध घुसपैठ, जनसांख्यिकी परिवर्तन पर बनेगी रणनीति।

  3. एसपी, डीएम संग बैठक, अवैध निर्माण ध्वस्त करने पर जोर।

नीलू रंजन, नई दिल्ली। सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकी परिवर्तन सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं है। बिहार विधानसभा चुनाव के चार महीने के भीतर सीमांचल का दौरा कर गृहमंत्री यह साफ संदेश देने जा रहे हैं। सीमांचल के सातों जिलों से एसपी और डीएम के साथ बैठकर शाह घुसपैठ को पूरी तरह से रोकने और अवैध कब्जे से निपटने के साथ ही घुसपैठियों की पहचान की रणनीति को भी धार देंगे।

ध्यान देने की बात है कि नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह ने घुसपैठ पर पूरी तरह रोक लगाने और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने का वायदा किया था। शायद यह पहली बार होगा, जब अमित शाह तीन दिन के लिए बिहार दौरे पर रहेंगे और तीनों ही दिन सीमांचल में बिताएंगे। इसके लिए अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में बैठकें तय की गई हैं। जहां घुसपैठ और जनसांख्यिकी परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित सातों जिलों के एससी और डीएम के साथ बैठक करेंगे।

डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति

बैठक का एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा कि इसमें अवैध घुसपैठ और उसे पूरी तरह से बंद करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही अवैध घुसपैठियों की पहचान भी फोकस में होगा। शाह कई बार अवैध घुसपैठियों के लिए डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति का ऐलान कर चुके हैं।

विधानसभा चुनाव के पहले हुए विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) को भी मतदाता सूची से घुसपैठियों को बाहर करने के लिए अहम बताया था। अमित शाह के तय कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी शामिल है। एसएसबी के पास सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। जाहिर है सीमा पार से हो रहे घुसपैठ को रोकने में एसएसबी की अहम भूमिका होगी।

सीमा सुरक्षा की कमियों की पहचान करेंगे शाह

बैठक के दौरान शाह सीमा सुरक्षा की उन कमियों की पहचान करने की कोशिश करेंगे, जिसके कारण घुसपैठ को रोकना मुश्किल होता है। उसके बार उन कमियों को दूर करने की रणनीति और कार्ययोजना पर काम शुरू होगा। इसके साथ ही शाह डीएम और एसपी के साथ सीमावर्ती इलाकों में अवैध धार्मिक निर्माण की पहचान कर उन्हें ध्वस्त करने पर भी जोर होगा। अवैध घुसपैठ में ऐसे धार्मिक स्थलों की अहम भूमिका के ठोस संकेत मिले हैं।

असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बिहार के सीमांचल के अमित शाह के दौरे के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। दोनों राज्यों में शाह अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें चुन-चुन कर बाहर निकालने की बात कर रहे हैं। ऐसे में सीमांचल में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकी परिवर्तन के खिलाफ उठाए गए कदमों से इन दोनों राज्यों में साफ संदेश जाएगा कि मोदी सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंभीर है।

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