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देश को घुसपैठिया मुक्त बनाने की तैयारी: अमित शाह ने बुलाई पुलिस महानिदेशकों की बैठक

By Niloo RanjanEdited By: Deepak Gupta
Published: Sun, 28 Jun 2026 08:06 PM (IST)

गृह मंत्री अमित शाह देश को अवैध घुसपैठियों से मुक्त करने के मिशन पर हैं। इसके लिए उन्होंने 9 जुलाई ...और पढ़ें

देश को घुसपैठिया मुक्त बनाने की तैयारी। (फाइल)

देश को घुसपैठिया मुक्त बनाने की तैयारी। (फाइल)

HighLights

  1. अमित शाह का अवैध घुसपैठियों से देश को मुक्त करने का मिशन।

  2. 9 जुलाई को दिल्ली में पुलिस महानिदेशकों की महत्वपूर्ण बैठक।

  3. घुसपैठियों की पहचान, वापसी और नेटवर्क ध्वस्त करने पर चर्चा।

नीलू रंजन, जागरण। नई दिल्ली। देश को माओवादियों से मुक्त करने के बाद गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह अब अवैध घुसपैठिया मुक्त बनाने के मिशन में जुट गए हैं। बिहार, राजस्थान, गुजरात और त्रिपुरा के सीमावर्ती जिलों का दौरा करने के बाद अमित शाह ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक बुलाई है।

नौ जुलाई को दिल्ली में होने वाली बैठक में खुफिया ब्यूरो, रॉ, ईडी, एनआईए समेत सभी केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख रहेंगे। बैठक में अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के साथ-साथ घुसपैठ से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने की रणनीति पर चर्चा होगी। सरकार घुसपैठ की समस्या से निजात दिलाने के लिए पहले ही उच्चाधिकार प्राप्त जनसांख्यिकी बदलाव समिति का गठन कर चुकी है।

घुसपैठ की समस्या सिर्फ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं

दरअसल अवैध घुसपैठ की समस्या सिर्फ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं है। सीमावर्ती इलाके से एक बार अवैध रूप से घुसपैठ करने के बाद ये पूरे देश में पहुंच रहे हैं। खासतौर पर महानगरों और औद्योगिक शहरों में इन्हें इन्हें संगठित तरीके से पहुंचाया जाता है और बसाया जाता है।

सीमा पर घुसपैठ बंद होने के बाद भी पहले से रह रहे अवैध घुसपैठियों की पहचान और उनकी वापसी सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है। एक-दो राज्यों में या कुछ चुने हुए इलाकों में की जा रही कार्रवाई से अवैध घुसपैठ की समस्या से निजात मिलना मुश्कित है। इसीलिए अमित शाह ने पूरे देश में सभी राज्यों को साथ में लेकर महाअभियान चलाना जरूरी है। ताकि एक राज्य से भागकर ये घुसपैठिये दूसरे राज्य में पहुंच न पाएं।

अवैध घुसपैठियों के खिलाफ पूरे देश में एक साथ अभियान

पूर्वोत्तर के राज्यों में ऐसा होने की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को मिली है। अवैध घुसपैठियों के खिलाफ पूरे देश में एक साथ अभियान चलाने की जरूरत को देखते हुए सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक बुलाने का फैसला लिया गया।

इसके साथ ही देश में अवैध घुसपैठियों को लाने और बसाने का पूरा नेटवर्क है। हजारों रूपये देकर सीमा पार करने से लेकर फर्जी दस्तावेज बनाने तक की बात सामने आ चुकी है। इसी तरह इन घुसपैठियों से पैसा लेकर उन्हें देश के विभिन्न भागों में पहुंचाया जाता है। इससे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना भी जरूरी है।

अवैध घुसपैठ से हुई काली कमाई पर ईडी कसेगी शिकंजा

ईडी को अवैध घुसपैठ से हुई काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की जिम्मेदारी होगी। पुलिस व प्रशासन को कार्रवाई के लिए खुफिया ब्यूरो और रा अहम इनपुट मुहैया करा सकता है।

ध्यान देने की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त को लालकिले से अवैध घुसपैठ और इसके कारण सीमावर्ती इलाकों में हो रहे जनसांख्यिकी बदलाव को देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताते हुए इससे निपटने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त मिशन शुरू करने की घोषणा की थी।

पिछले दिनों उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बैठक के दौरान अमित शाह ने उन्हें सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ महानगरों और औद्योगिक शहरों का दौरा कर जमीनी स्तर पर समस्या का आंकलन करने की जरूरत बताई थी। 26 मई को सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभावर नावलेकर की अध्यक्षता में गठित समिति को एक साल में अपनी रिपोर्ट देनी है।