इलाहाबाद। छात्रावास में रहने वाले छात्रों के निष्कासन के मुद्दे पर आंदोलन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय को सोमवार तक बंद कर दिया गया है। इस संघर्ष में कई लोग घायल हो गए थे और परिसर में तोड़फोड़ की गई थी।

विश्वविद्यालय के प्रमुख प्रॉक्टर माता अंबर तिवारी ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि विश्वविद्यालय को शुक्रवार और शनिवार को बंद रखा जाय और इसे फिर से सोमवार को खोला जाए।

आंदोलनकारी छात्रों के हिंसा पर उतारू होने के बाद गुरुवार रात परिसर में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना में घायल लगभग 20 छात्रों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने चल रहे शैक्षणिक सत्र की परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों को तत्काल छात्रावास खाली करने का निर्देश जारी किया था जिसके बाद पिछले कुछ दिनों से यहां पर तनाव व्याप्त था।

तिवारी ने कहा कि अनाधिकृत तौर पर रह रहे छात्रों के कारण वास्तविक विद्यार्थियों के हितों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन हॉस्टल खाली कराने का अभियान जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2011-12 के अंत में छात्रावास खाली कर देने के लिए कहा गया है।

प्रशासन से मांग की गई थी कि वह प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे छात्रों को कुछ माह तक छात्रावास में रहने की अनुमति दें ताकि उनकी तैयारी प्रभावित नहीं हो।

तिवारी ने कहा कि वास्तविक छात्रों की पहचान की जाएगी और उन्हें राहत दी जाएगी लेकिन अवैध तरीके से छात्रावास में रहने वालों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।

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