यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आज होगा अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में सजा का एलान
अदालत ने पिछले सप्ताह इसी मामले में आरएसएस से जुड़े स्वामी असीमानंद, चन्द्रशेखर, लोकेश शर्मा, मुकेश वसानी, हर्षद, भरतेश्वर व मेहुल को बरी कर दिया था।

जागरण संवाददाता, जयपुर। 10 साल पहले अजमेर दरगाह में हुए बम विस्फोट के मामले में अब आज सजा सुनाई जाएगी। इस विस्फोट में तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि 15 लोग घायल हो गए थे। विशेष अदालत ने आठ मार्च को भवेश पटेल, देवेंद्र गुप्ता और सुनील जोशी (अब मृत) को दोषी ठहराया था और सजा सुनाने के लिए 16 मार्च की तिथि तय की थी, लेकिन इसे अब शनिवार तक टाल दिया गया।
अदालत ने पिछले सप्ताह इसी मामले में आरएसएस से जुड़े स्वामी असीमानंद, चन्द्रशेखर, लोकेश शर्मा, मुकेश वसानी, हर्षद, भरतेश्वर व मेहुल को बरी कर दिया था। तीन अन्य को दोषी ठहराया था। कुल 13 अभियुक्तों में से तीन अब भी लापता हैं। एनआइए ने बम विस्फोट मामले में करीब 14 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। इनमें से सुनील जोशी की मौत हो गई है।
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वहीं तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। चार्जशीट के अनुसार, 11 अक्टूबर 2007 को रमजान के माह में शाम 6:15 बजे रोजा इफ्तार के समय दरगाह परिसर में एक शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी व 15 लोग घायल हो गए थे। पुलिस को घटनास्थल से एक बैग मिला था। इसमें जिंदा बम भी था जिसे पुलिस ने निष्कि्रय किया था।
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यहीं से दो सिम कार्ड भी मिले थे। इनमें से एक झारखंड और दूसरा पश्चिमी बंगाल से लाया गया था। दोनों सिम कार्ड को टाइमर डिवाइस के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। बम विस्फोट का उद्देश्य रमजान माह में सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के लिए किया गया था।
