नई दिल्‍ली, जेएनएन। हवाई सफर जितना सहुलियत भरा है, उतना ही खतरनाक भी है। जरा सी चूक से किसी बड़े हादसे को न्‍योता दिया जा सकता है। हाल ही में मुंबई के आसमान में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब विस्‍तारा एयरलाइंस का एक विमान एयर इंडिया के एक विमान के बिल्‍कुल सामने आ गया।

दोनों के बीच महज 100 फीट का फासला था और 200 से ज्‍यादा जिंदगियों पर खतरे का बादल मंडराने लगा। मगर महिला पायलटों की सूझबूझ के कारण कुछ सेकेंड के अंतर से बड़ा हादसा टल गया। खास तौर से एयर इंडिया की पायलट की हर कोई सराहना कर रहा है।

घटना सात फरवरी की है। जांच में पता चला है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के कोऑर्डिशेन में दिक्‍कत हुई थी। पायलटों की कोई गलती नहीं थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की वजह से गलतफहमी पैदा हो गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, 152 यात्रियों को लेकर दिल्ली से पुणे जा रहे विस्तारा का यूके-997 विमान, 109 यात्रियों को लेकर भोपाल के लिए उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के एआई 631 विमान के काफी करीब आ गया था।

आसमान में 27,000 फीट की ऊंचाई पर दोनों विमान महज 100 फीट के फासले पर एक दूसरे के सामने थे। कहा जा रहा है कि विस्‍तारा के पायलट की कोई गलती नहीं है। ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने पायलट को 27 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ने के लिए कहा था। मगर ठीक उसी वक्त एयर इंडिया का विमान भी 27,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।

हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि विस्‍तारा के विमान को 29,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने का निर्देश दिया गया था। मगर विस्‍तारा का कहना है कि विमान को 27,000 फीट की ऊंचाई पर ही उड़ान भरने का निर्देश मिला था।

दोनों विमानों की कमान महिला पायलटों के हाथ में थी, जिनकी सूझबूझ और कुशलता की तारीफ हो रही है। खास तौर से एयर इंडिया की पायलट अनुपमा कोहली की, जिनके पास विमान उड़ाने का 20 साल से अधिक का अनुभव है और इस बड़े हादसे को टालने में उनका यह अनुभव काम आया।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विस्तारा के विमान को एयर इंडिया के विमान की तरफ बढ़ता देख रेड अलार्म बज गया और यहीं अनुपमा का अनुभव काम आया। उन्‍होंने तुरंत दाहिनी तरफ मुड़कर विस्‍तारा के विमान के लिए रास्‍ता बना दिया और एयर इंडिया के विमान को थोड़ा नीचे कर दिया। इस तरह सैकड़ों जिंदगियां बच गईं। अब अनुपमा के सूझबूझ की हर कोई तारीफ कर रहा है। 

Posted By: Pratibha Kumari