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पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने पर कितनी मिलती है सजा? क्या कहता है DGCA का नियम

Published: Thu, 13 Aug 2026 05:00 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 13 Aug 2026 05:53 PM (GMT+05:30)

एअर इंडिया के एक पायलट के ड्रग टेस्ट में मारिजुआना पॉजिटिव आने के बाद विमानन सुरक्षा नियमों पर सवाल उठे हैं।

(यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एअर इंडिया की 4 अगस्त की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट के ड्रग टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि हो गई है। इसी फ्लाइट को उड़ान के दौरान तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था। इस घटना ने पायलटों के ड्रग टेस्ट और पॉजिटिव आने पर की जाने वाली कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या हर फ्लाइट से पहले ड्रग टेस्ट होता है?

नहीं। ड्रग टेस्ट और शराब का ब्रीथ एनालाइजर अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। एयरलाइंस और एयर नेविगेशन सेवा देने वालों को हर साल कम से कम 10 प्रतिशत फ्लाइट क्रू और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का रैंडम ड्रग टेस्ट करना अनिवार्य है। यह नियमित रूप से हर फ्लाइट से पहले नहीं किया जाता है।

जांच में किन ड्रग्स की जांच होती है?

टेस्ट में एम्फेटामाइन, कैनबिस (मारिजुआना), कोकीन, ओपिएट्स, बार्बिट्यूरेट्स और बेंजोडायजेपीन जैसे साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच की जाती है।

‘नॉन-नेगेटिव’ का मतलब ड्रग लेना साबित?

नहीं। शुरुआती स्क्रीनिंग में ड्रग की मौजूदगी का संकेत मिलने पर रिपोर्ट ‘नॉन-नेगेटिव’ मानी जाती है। इसके बाद सैंपल का कन्फर्मेटरी टेस्ट कराया जाता है, जिसमें ही पॉजिटिव की पुष्टि होती है।

पहली बार कन्फर्मेटरी टेस्ट पॉजिटिव आने पर क्या होता है?

पायलट को डॉक्टर, काउंसलर या डी-एडिक्शन और रिहैबिलिटेशन भेजा जाता है। दोबारा ड्रग टेस्ट नेगेटिव आने और मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही वह ड्यूटी पर लौट सकता है। पॉजिटिव मामला 24 घंटे के अंदर डीजीसीए को बताना जरूरी है।

दूसरी-तीसरी बार पॉजिटिव होने पर सजा

रिहैबिलिटेशन के बाद लौटे व्यक्ति का कन्फर्मेटरी टेस्ट दूसरी बार पॉजिटिव हुआ तो लाइसेंस तीन साल के लिए सस्पेंड हो जाता है। तीसरी बार पॉजिटिव मिलने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है।

अगर पायलट टेस्ट कराने से इनकार करे?

उसे तुरंत ड्यूटी से हटा दिया जाता है। 48 घंटे में टेस्ट क्लियर न करने पर लाइसेंस एक साल सस्पेंड हो सकता है। दूसरी बार इनकार पर तीन साल का सस्पेंशन और आगे उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। ये नियम विमानन सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।

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