एअर इंडिया ने हर हफ्ते 100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कैंसिल की, जून से अगस्त तक Flights में भी कटौती
एअर इंडिया ने पश्चिम एशिया संघर्ष और जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण जून से अगस्त 2026 तक अपनी ...और पढ़ें

एअर इंडिया

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र की पाबंदियों और जेट ईंधन (एटीएफ) कीमतों के आसमान पर पहुंचने को आधार बनाते हुए टाटा समूह की एअर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 तक हर हफ्ते अपनी सौ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की घोषणा की है।
कंपनी का कहा है कि इन बदलावों का मकसद नेटवर्क की स्थिरता बढ़ाना और यात्रियों को आखिरी समय पर परेशानी से बचाना है। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने पिछले दिनों ही एक संदेश में बताया था कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कई उड़ानों को लंबे रूट से जाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है।
इसके साथ ही जेट ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि ने कई रूटों को घाटे का सौदा बना दिया है। इस वजह से एयरलाइंस को जून-जुलाई में और कटौती करनी पड़ रही है। इस कटौती के बावजूद कंपनी हर हफ्ते 1200 के करीब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करती रहेगी।

उड़ानों पर नया अपडेट
एयर इंडिया ने दिल्ली-शिकागो उड़ान को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है। दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को की उड़ानें अगस्त तक 10 से घटाकर 7 साप्ताहिक की जा रही हैं। दिल्ली-टोरंटो 10 से घटाकर जुलाई तक 5 साप्ताहिक की जाएगी, जो अगस्त से दैनिक हो जाएगी। दिल्ली-वैंकूवर 7 से घटाकर 5 साप्ताहिक रहेगी।
मुंबई-न्यूआर्क को 3 से बढ़ाकर 7 साप्ताहिक किया जाएगा, जबकि दिल्ली-न्यूयार्क (जेएफके) 7 साप्ताहिक बनी रहेगी। दिल्ली-न्यूआर्क और मुंबई-न्यूयॉर्क (जेएफके) सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी। यूरोपीय बाजार में कंपनी ने दिल्ली-पेरिस की उड़ानें 14 साप्ताहिक से घटाकर 7 साप्ताहिक करने, दिल्ली-कोपेनहेगन 4 से 3, दिल्ली-मिलान 5 से 4, दिल्ली-वियना 4 से 3, दिल्ली-ज्यूरिख 4 से 3 और दिल्ली-रोम 4 से 3 साप्ताहिक करने की घोषणा की है।

दिल्ली से उड़ान भरने वाली फ्लाइट
दिल्ली-मेलबर्न और दिल्ली-सिडनी दोनों को 7 से घटाकर 4 साप्ताहिक किया गया है। एशियाई बाजार के लिए कंपनी ने दिल्ली-शंघाई अगस्त तक निलंबित रखने, दिल्ली-सिंगापुर 24 से 14, मुंबई-सिंगापुर 14 से 7 साप्ताहिक की जाएगी। चेन्नई-सिंगापुर भी अगस्त तक निलंबित रहेगी।
दिल्ली-बैंकाक जुलाई से 28 से 21 और मुंबई-बैंकाक 13 से 7 साप्ताहिक होगी। दिल्ली-कुआलालंपुर 10 से 5, दिल्ली-हो ची मिन्ह सिटी जुलाई-अगस्त में 7 से 4 और दिल्ली-हनोई 5 से 4 साप्ताहिक की जाएगी। दिल्ली-काठमांडू जून में 42 से 28 और जुलाई-अगस्त में 21 साप्ताहिक रहेगी।
दिल्ली-ढाका 7 से 4, मुंबई-ढाका निलंबित, मुंबई-कोलंबो 7 से 4, दिल्ली-कोलंबो 14 से 12 साप्ताहिक की जाएगी। दिल्ली-माले अगस्त तक निलंबित रहेगी।एयर इंडिया के अनुसार, इन समायोजनों के बावजूद कंपनी हर महीने 1200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करेगी। इसमें उत्तर अमेरिका के लिए 33, यूरोप के लिए 47, यूके के लिए 57, ऑस्ट्रेलिया के लिए 8, फार ईस्ट-साउथईस्ट एशिया-सार्क के लिए 158 और मॉरीशस के लिए 7 साप्ताहिक उड़ानें शामिल हैं।
क्या है रिफंड पॉलिसी?
प्रभावित बुकिंग वाले यात्रियों को वैकल्पिक एयर इंडिया उड़ानों पर पुनः समायोजन, मुफ्त तारीख बदलाव या पूरा रिफंड दिया जाएगा। एयरलाइंस 24x7 संपर्क केंद्र और डिजिटल चैनलों के जरिए सहायता उपलब्ध कराएगी।सनद रहे कि यह कदम सिर्फ एयर इंडिया तक सीमित नहीं है। पश्चिम एशिया संघर्ष और ईंधन संकट के कारण दुनिया भर की एयरलाइंस उड़ानें घटा रही हैं।
लुफ्थांसा ने छह महीनों में करीब 20,000 उड़ानें कम करने का ऐलान किया है। केएलएम, एयर कनाडा, कतार एयरवेज, एमिरेट्स, एतिहाद समेत कई बड़ी कंपनियां लाखों सीटें घटा रही हैं। ग्लोबल स्तर पर मई में ही 13,000 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं और लाखों सीटें प्रभावित हुई हैं।
