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एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 29वें वायु सेना प्रमुख के रूप में संभाला पदभार, एपी सिंह 42 साल सेवा के बाद हुए रिटायर

Published: Sat, 31 Oct 2026 04:24 PM (IST)

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 29वें वायु सेना प्रमुख का पदभार संभाला, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 29वें वायु सेना प्रमुख के रूप में संभाला पदभार। (X- @IAF_MCC)

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 29वें वायु सेना प्रमुख के रूप में संभाला पदभार। (X- @IAF_MCC)

HighLights

  1. आशुतोष दीक्षित 29वें वायु सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त।

  2. एपी सिंह 42 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त।

  3. दीक्षित अनुभवी फाइटर पायलट, IAF आधुनिकीकरण में अहम योगदान।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित में शनिवार को 29वें 'चीफ ऑफ एयर स्टाफ' के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का स्थान लिया है, जो देश की 42 सालों तक शानदार सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त हुए।

नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व छात्र, एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। चार दशकों के अपने करियर के दौरान, एयर चीफ को ऑपरेशंस, फ्लाइट टेस्टिंग, क्षमता विकास और ज्वॉइंट स्टाफ असाइनमेंट जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव है।

विमान उड़ाने का 3,300 घंटे से अधिक का अनुभव

भारतीय वायु सेना ने एक बयान में कहा कि एक कुशल फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के रूप में, उनके पास मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, जगुआर और कई ट्रांसपोर्ट विमानों सहित विभिन्न प्रकार के विमानों को उड़ाने का 3,300 घंटे से अधिक का अनुभव है।

IAF ने बताया कि एयर चीफ मार्शल दीक्षित को भारतीय वायु सेना के अधुनिकीकरण के उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने जगुआर और मिग-27 अपग्रेड प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने के साथ-साथ LCA Mk-I तेजस के लिए इंनिशियल ऑपरेशन क्लीयरेंस और फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस प्रक्रियाओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई।

कई खरीद से जुड़ी पहलों का नेतृत्व किया

वायु सेना ने कहा कि उनके ऑपरेशनल कमांड असाइनमेंट में मिराज-2000 स्क्वाड्रन, पश्चिमी सेक्टर में 'फॉरवर्ड बेस सपोर्ट यूनिट' और IAF के प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस 'एयर फोर्स स्टेशन बीदर' की कमान संभालना शामिल है।

उन्होंने 'सदर्न एयर कमांड' में एयर डिफेंस कमांडर, 'साउथ वेस्टर्न एयर कमांड' में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर और 'डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ' के रूप में भी काम किया है, जहां उन्होंने क्षमता विकास और खरीद से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलों का नेतृत्व किया।

इसके बाद, उन्होंने 'सेंट्रल एयर कमांड' में 'एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ' के रूप में कमान संभाली। बाद में, 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान उन्होंने 'चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ' (चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के तहत) के रूप में भी सेवाएं दीं। 'चीफ ऑफ एयर स्टाफ' का पद संभालने से पहले, वे 'वाइस-चीफ ऑफ एयर स्टाफ' के रूप में कार्यरत थे।

वायु सेना ने बताया कि एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से पढ़ाई पूरी की है। देश के लिए उनकी विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में उन्हें वायु सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।

एपी सिंह को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को कमान सौंपने से पहले, निवर्तमान चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह को एयर फोर्स स्टेशन के परेड ग्राउंड में 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

 

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