वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने भरी आखिरी उड़ान, विमान किरण से पूरा हुआ 42 साल का सफर; मिला वाटर कैनन सैल्यूट
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने दुंडीगल अकादमी में अपने पहले प्रशिक्षक के साथ किरण विमान में अंतिम ...और पढ़ें

वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने भरी आखिरी उड़ान (फोटो- ANI)

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डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने मंगलवार को यहां के पास दुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में एचजेटी-16 किरण एमके-1 प्रशिक्षण विमान उड़ाया। उन्होंने वर्दी में अपनी अंतिम उड़ान भरी और इसके साथ ही उनके उड़ान करियर का यादगार अध्याय पूरा हुआ।
अपने पहले उड़ान प्रशिक्षक विंग कमांडर वी.एस. कोचर (सेवानिवृत्त) के साथ 55 मिनट की आखिरी उड़ान भर कर एयर चीफ मार्शल सिंह ने अपना सपना सच किया।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उसी विमान में लौटे, जिसमें उन्होंने उड़ान का सफर शुरू किया था। उनके साथ वही प्रशिक्षक थे, जिन्होंने उन्हें पहली बार उड़ना सिखाया था। विमान का टेल नंबर यू 707 था।
कोचर ने चार दशक पहले वायुसेना प्रमुख को उनकी मातृ संस्था वायुसेना अकादमी में उड़ान का प्रशिक्षण दिया था। उन्होंने इसे उस विमान को उड़ाकर एक पूरा चक्र पूरा करना बताया, जिसने सबसे पहले उन्हें आसमान से परिचित कराया था।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा,"इस मौके पर प्रशिक्षक और छात्र का भावुक पुनर्मिलन हुआ। इससे वायुसेना प्रमुख का जुड़ाव भारतीय वायुसेना में उनके उड़ान सफर की शुरुआत से फिर कायम हुआ।"
एयर चीफ मार्शल सिंह ने 28 जनवरी, 1984 को अपनी पहली उड़ान भरी थी। चार दशक से अधिक समय बाद मंगलवार को किरण विमान में उनकी उड़ान ने भारतीय वायुसेना में एक पायलट के रूप में उनके सफर को पूरा किया।
यह उड़ान पायलट, उसके प्रशिक्षक और उन आसमानों के बीच स्थायी बंधन का प्रतीक बनी, जो किसी पेशेवर उड़ान करियर को आकार देते हैं। एयर चीफ मार्शल सिंह 31 अक्टूबर, 2026 को सेवानिवृत्त होंगे।
वायुसेना उप प्रमुख के पद पर कार्यरत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख के रूप में उनका स्थान लेंगे।
वायुसेना अकादमी में 20 जनवरी,1984 को कोचर के साथ किरण विमान में अपनी पहली उड़ान को दोहराने के बाद एयर चीफ मार्शल सिंह को सम्मान के तौर पर जलतोप से सलामी दी गई। (समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के शात)
