अहमदाबाद, जेएनएन। Indian Railways अब ट्रेन में सफर करने के दौरान यात्री शॉपिंग कर सकेंगे। रेल विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार यात्री गुरुवार से कुछ ट्रेनों में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर सौंदर्य प्रसाधन, स्टेशनरी और अन्य वस्तुएं खरीद सकते हैं। यह पहल पश्चिमी रेलवे के अहमदाबाद डिविजन में शुरू की गई है।

पश्चिमी रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन ने बृहस्‍पतिवार से 12934 अहमदाबाद जंक्शन-मुंबई सेंट्रल कर्णावती एक्सप्रेस में ऑनबोर्ड बिक्री शुरू कर दी है। केंद्र सरकार रेलवे को लेकर काफी बदलाव करने जा रही है। इसको लेकर कई घोषणाएं की गई हैं।  

रेलवे का होस्‍टेस रखने का फैसला 
मोदी सरकार वंदे भारत एक्सप्रेस में विमान जैसी सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। विमान की अब वंदे भारत एक्सप्रेस में होस्टेस और स्टीवर्ड्स रखे गए हैं। छह महीनों तक चलने वाले ट्रायल प्रोजेक्ट के लिए आईआरसीटीसी ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में 34 ट्रेंड एयर होस्टेस और फ्लाइट स्टीवर्ड्स को रखा है। अगर यह सुविधा सफल रही तो अन्य ट्रेनों में भी ट्रेन होस्टेस रखी जाएंगी। 

आरआरसीटीसी ( IRCTC)के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधा देने के लिए काफी मेहनत की जा रही है। ट्रेन में यात्रियों को खाना परोसने वालों को लाइसेंस्ड केटरर्स 8,000 से 10,000 रुपये प्रति महीना देते हैं। लेकिन यात्रियों को और अच्छी सेवाएं देने के लिए आईआरसीटीसी ट्रेन होस्टेस और फ्लाइट स्टीवर्ड्स को 25,000 रुपये प्रति महीना दे रही है।  

चार महानगरों में सेमी हाईस्पीड ट्रेने चलाने की योजना
देश के चार प्रमुख महानगरों के बीच 160 किमी तक की रफ्तार वेस्ली सेमी हाईस्पीड ट्रेने चलाने की योजना के पहले चरण को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत दिल्ली से मुबंई, दिल्ली से हावड़ा, कोलकता से चेन्नई और चेन्नई से मुंबई के बीच एक स्वर्णिम चतुर्भज कॉरिडोर बनाने की योजना है। पहले चरण में यानी दिल्ली से हावड़ा और दिल्ली से मुंबई के बीच 160 किलोमीटर की रफ़्तार से ट्रेन चलेगी।

इसके लिए केंद्र सरकार ने क़रीब 13 हज़ार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इससे दिल्ली और हावड़ा के बीच की यात्रा की अवधि 5 घंटे घट जाएगी। इसी प्रकार दिल्ली से मुंबई पहुंचने का समय भी साढ़े तीन घंटे कम हो जाएगा। रेलवे के सौ दिन के ऐजेंडे में ये दोनों प्रोजेक्ट शामिल थे।

No Bill, No Payment की नीति
आम तौर पर देखा गया है कि रेलवे प्‍लेटफॉर्म या ट्रेनों में जब हम कोई सामान खरीदते हैं तो वेंडर उसका बिल नहीं देते हैं. लेकिन अब भारतीय रेलवे ने एक नया नियम लागू किया है। इस नियम के तहत स्टेशन या ट्रेन में सामान बेचने वाला कोई वेंडर आपको बिल नहीं देता है, तो खरीदा गया सामान पूरी तरह मुफ्त होगा। 

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि रेलवे द्वारा No Bill, No Payment की नीति अपनाते हुए वेंडर द्वारा ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य किया गया है। ट्रेन या रेलवे प्लेटफॉर्म पर यदि कोई वेंडर आपको बिल देने से इनकार करता है तो आप को उसे पैसे देने की जरूरत नहीं है। 

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Posted By: Arun Kumar Singh

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