नई दिल्ली, एएनआइ। Agniveer Scheme देशभर में नई सेना भर्ती योजना 'अग्निपथ' (Agnipath Scheme) के विरोध में हो रहे भारी बवाल को शांत कराने के लिए केंद्र सरकार एक्टिव मोड में आ गई है। इसी के मद्देनजर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज दिल्ली में सेना प्रमुखों के साथ बैठक की। बैठक में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और थल सेनाध्यक्ष जनरल बी एस राजू ने भाग लिया। जानकारी के अनुसार बैठक का मुख्य फोकस 'अग्निपथ' योजना को जल्द से जल्द लागू करने और आंदोलनकारियों को शांत करने के तरीकों को सुनिश्चित करना था। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे बैठक में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वह आधिकारिक दौरे पर हैदराबाद में हैं। 

अलग से 10 फीसद आरक्षण की घोषणा

वहीं इस बीच रक्षा मंत्री ने अग्निवीरों के लिए भारतीय तटरक्षक बल और नागरिक रक्षा पदों और सभी 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में 10 फीसद आरक्षण लागू करने का एलान किया है। यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त होगा।

व्यापक विचार-विमर्श के बाद शुरू हुई योजना : राजनाथ

'अग्निपथ' योजना के खिलाफ विरोध तेज होने के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को नए सैन्य भर्ती माडल का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि इसे पूर्व सैनिकों सहित व्यापक परामर्श के बाद शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के खिलाफ दुष्प्रचार राजनीतिक कारणों से फैलाया जा रहा है।

गृह मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला

बता दें कि आज ही गृह मंत्रालय ने CAPFs और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में अग्निपथ योजना के अंतर्गत 4 साल पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए 10 फीसद रिक्तियों को आरक्षित करने की घोषणा की है। इसके अलावा सीएपीएफ और असम राइफल्स में भर्ती के लिए अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में भी तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय किया गया है और अग्निपथ योजना के पहले बैच के लिए यह छूट 5 वर्ष दी गई है।

Agnipath Scheme Protest: अग्निपथ योजना को लेकर फैलाई जा रहीं कई अफवाह, जानिए- क्‍या है सच्‍चाई

Edited By: Mahen Khanna