'पेट्रोल की कमी नहीं...', पीएम मोदी की अपील के बाद हरदीप पुरी ने बताया क्या है असली चिंता की वजह
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी न होने का आश्वासन दिया है। हालांकि, उन्होंने तेल मार्केटिंग कंपनियों के बढ़ते घाटे पर चिंता जताई।

हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल-डीजल पर कही बड़ी बात (फोटो-पीटीआई)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पेट्रो उत्पादों की खपत में संयम बरतने के पीएम मोदी की अपील के बाद देश में पेट्रो उत्पादों की उपलब्धता पर शुरू हुई चर्चा के बीच पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई किल्लत नहीं है लेकिन तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) का बढ़ता घाटा चिंता का विषय है।
यह घाटा इसलिए हो रहा है कि इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम जैसे ओएमसी काफी ज्यादा कीमत पर कच्चा तेल खरीद रही हैं और इसकी पूरी कीमत आम ग्राहकों से नहीं वसूल रही।
ओएमसी को पिछले दो महीने में पेट्रो उत्पादों की बिक्री पर 1.98 लाख करोड़ रुपये की अंडररिकवरी (तेल बनाने की कीमत और बिक्री का अंतर) हुई है।
तेल कंपनियों को नुकसान
सीआईआई के सालाना सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा, 'हमारी तेल कंपनियां रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। अगर यही स्थिति जारी रही तो एक तिमाही में 1 लाख करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है, जो पूरे साल की कमाई को मिटा सकता है।'
यहां स्पष्ट कर दें कि घाटा और अंडररिकवरी में अंतर होता है। अंडर रिकवरी लागत व बिक्री मूल्य का कुल अंतर है जबकि कंपनियो को सरकार से सब्सिडी वगैरह भी मिलती है, उसके समायोजन के बाद घाटा की राशि निकाली जाती है।
पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि पेट्रोल पर 14 रुपये, डीजल पर 42 रुपये और एलपीजी पर 674 रुपये प्रति यूनिट का नुकसान हो रहा है।पुरी ने इस बात को दोहराया कि पिछले चार साल से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
वर्तमान में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। एलपीजी की कीमतें मार्च में थोड़ी बढ़ाई गईं, लेकिन वे अब भी लागत से काफी कम हैं।
पुरी ने कहा कि देश में कहीं भी सूखा (पेट्रो उत्पादों की अनुउपलब्धता) नहीं है। इस बारे में अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'देश में कहीं भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल की कमी नहीं आई है। एलपीजी की सप्लाई पर्याप्त से ज्यादा है।'
पुरी ने बताया कि भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल, 60 दिनों का एलएनजी और 45 दिन का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बावजूद भारत ने वैकल्पिक स्त्रोतों से आयात बढ़ाकर सप्लाई चेन को सुचारू रखा है। उन्होंने कहा, 'हमने चुनौतियों को अवसर में बदल दिया है।'
पीएम मोदी की तरफ से पेट्रो उपभोग में कटौती करने की अपील को पुरी ने 'विजनरी' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब कोई लॉकडाउन या राशनिंग नहीं है।
पुरी ने आगे कहा, 'अभी कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर संकट लंबा चला तो कुछ गतिविधियों को कम करने और एलपीजी से एलएनजी की ओर शिफ्ट करने पर विचार करना होगा।' पुरी ने उद्योग जगत से अपील की कि वे जहां संभव हो एलपीजी की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का इस्तेमाल बढ़ाएं।
