नई दिल्ली, एजेंसी। इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए राजनीतिक चंदा लेना हर पार्टी को पसंद है। सभी पार्टियां राजनीतिक चंदा लेकर चुनाव लड़ती हैं। लेकिन राजनीतिक चंदे को लेकर आई एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्‍स (एडीआर) की ताजा रिपोर्ट ने जो आंकड़े पेश किए हें, वो बेहद चौंकाने वाले हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्‍स (एडीआर) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 'भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सबसे ज्यादा राजनीतिक चंदा मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिली राजनीतिक चंदे की राशि 915.596 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो कि पार्टी को मिले कुल चंदे का 94% हिस्सा है। यह आंकड़े वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 के अनुसार हैं। इसी प्रकार कांग्रेस को विभिन्न कॉरपोरेट और बिजनेस घरानों से 55.36 करोड़ रुपये राजनीतिक चंदे के रूप में मिले हैं, जो कांग्रेस पार्टी को मिले कुल चंदे का 81% हिस्सा है।

एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 में देश की छ: राजनीतिक पार्टियों को 20 हजार से अधिक राशि का कुल 1059.25 करोड़ रुपये का राजनीति चंदा मिला। इसमें से 985.18 करोड़ रुपये जो कुल चंदे का 94 प्रतिशत हिस्सा है, कॉरपोरेट और बिजनेस घरानों से मिला है।वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 में बीजेपी को 915.596 करोड़ रुपया चंदे के रूप में मिला। यह राशि उनकी पार्टी को मिले कुल चंदे का 93% हिस्सा है।इसी तरह वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 में कांग्रेस को कुल 55.36 करोड़ रुपये कॉरपोरेट और बिजनेस घरानों से चंदे के रूप में मिले। यह राशि कांग्रेस को मिले कुल चंदे का 81% हिस्सा बनाती है।

चुनाव में 'इलेक्टोरल बॉन्ड' का खेल
वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए राजनीतिक पार्टियों को सबसे ज्यादा चंदा मिला है। इस दौरान सभी पार्टियों को मिलाकर कुल 488.42 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए चंदे के रूप में मिले। इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए चंदा पाने वाली पार्टियों में भाजपा और कांग्रेस सबसे आगे रहीं। भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए 458.02 करोड़ रुपया चंदा मिला तो कांग्रेस ने इस दौरान 29.40 करोड़ रुपए इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए चंदे के रूप में लिए।

Posted By: Shashank Pandey

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